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Yog Vigyan

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Author: Chandrabhanu Gupt

Brand: RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD

Binding: hardcover

Number Of Pages: 180

Release Date: 01-01-2019

Part Number: 8183616097

Details: भारतीय मनीषियों ने सतत चिन्तन, मनन और आध्यात्मिक ज्ञान के आधार पर मानव जीवन के कल्याण हेतु अनेक विधियाँ विकसित की हैं, उन विधियों में से एक है–‘योग’ । योग वह विद्या है, जो हमें स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाती है और असाध्य रोगों से बचाती है । यह हमें अपने लिए नहीं, बल्कि सबके लिए जीने का सन्देश देती है । योग के अनेक भाग माने जाते हैं–राजयोग, हठयोग, कुंडलिनीयोग, नादयोग, सिद्धयोग, बुद्धियोग, लययोग, शिवयोग, /ध्यानयोग, समाधियोग, सांख्ययोग, मृत्युंजययोग, प्रेमयोग, विरहयोग, भृगुयोग, ऋजुयोग, तारकयोग, मंत्रयोग, जपयोग, प्रणवयोग, स्वरयोग आदिय पर मुख्यत: अध्यात्म के हिसाब से तीन ही योग माने गए हैं–कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग । शास्त्र के अनुसार योग के आठ अंग हैं–यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि । इनमें प्रथम चार–यम, नियम, आसन और प्राणायाम हठयोग का अंग हैं । शेष चार–प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि राजयोग हैं । प्रस्तुत पुस्तक में अनुभवी योगाचार्य चन्द्रभानु गुप्त द्वारा योग के व्यावहारिक और सैद्धान्तिक पक्षों की सम्पूर्ण जानकारी के अलावा सूर्य नमस्कार, चन्द्र नमस्कार, स्वरोदय विज्ञान, मुद्राविज्ञान के अतिरिक्त विशेष रूप से सामान्य रोगों के लिए उपचार (आहार, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक) पर भी जानकारी दी गई है, जो आम तौर पर योग की अन्य पुस्तकों में नहीं होती ।

EAN: 9788183616096

Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.6 inches

Languages: Hindi