पाश्चात्य सामाजिक चिन्तक: एक समालोचनात्मक दृष्टिकोण (Western Social Thinkers: A Critical Perspective) Hindi
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Book Details
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Author: जे.पी. सिंह
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Publisher: Rawat Publications
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Language: Hindi
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Edition: First Edition
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ISBN: 9788131612057
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Pages: 556
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Cover: Hardcover
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Release Date: 08-09-2021
About the Book
यह पुस्तक पाश्चात्य सामाजिक चिन्तनधारा पर आधारित एक उत्कृष्ट अध्ययन है, जिसमें समाजशास्त्रीय विचारों और सिद्धांतों का सरल, सटीक और आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। अँगरेजी की उच्चस्तरीय पुस्तकों को आधार बनाकर लेखक ने पाश्चात्य समाजशास्त्रियों के विचारों को हिंदी भाषा में प्रामाणिक अनुवाद के साथ अत्यंत सहज शैली में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक विशेष रूप से हिंदी माध्यम के छात्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है ताकि वे समाजशास्त्र के जटिल सिद्धांतों को आसानी से समझ सकें और ज्ञान की दृष्टि से अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों से पीछे न रहें।
पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें समाजशास्त्र के क्लासिकल और आधुनिक चिंतकों जैसे ऑगस्त कौंत, कार्ल मार्क्स, एमिल डर्कहाइम, मैक्स वेबर, रॉबर्ट के. मर्टन, टलकॉट पारसन्स, जॉर्ज मीड, हर्बर्ट ब्लूमर, और पित्रिम सोरोकिन जैसे विचारकों के योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, मानवशास्त्रीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नामों जैसे बी. मालिनॉवस्की और ए.आर. रैडक्लिफ-ब्राउन पर भी प्रकाश डाला गया है।
यह पुस्तक समाजशास्त्र के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे पाठकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी स्रोत है। विषय-वस्तु को इतनी स्पष्टता और क्रमबद्धता से प्रस्तुत किया गया है कि यह शिक्षकों के लिए भी एक उत्कृष्ट शैक्षणिक उपकरण बन जाती है।
जे.पी. सिंह एक ख्यातिप्राप्त समाजशास्त्री हैं, जिन्होंने पटना विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग के प्रोफेसर और बिहार सरकार में उच्च शिक्षा निदेशक एवं पटना विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर के रूप में योगदान दिया है। उन्होंने समाजशास्त्र पर अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की है और पाठ्यपुस्तक लेखन के क्षेत्र में उनका विशेष स्थान है। यह पुस्तक उनके गहन अनुभव और शैक्षणिक दृष्टिकोण की प्रमाणिकता को दर्शाती है।

