👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • From India to the World — Discover Our Global Stores

Pratinidhi Kahaniyan : Bhagwaticharan Verma

Regular price Rs.350.00
Tax included


Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Author: Bhagwaticharan Verma

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: First Edition

Features:

  • Pratinidhi Kahaniyan: Bhagwati Charan Verma [hardcover] Bhagwati Charan Verma [Jan 01, 2001]

Binding: hardcover

Number Of Pages: 163

Release Date: 01-01-2001

Details: इस कथाकृति में सुविख्यात उपन्यासकार भगवतीचरण वर्मा की कुछ ऐसी चुनी हवई कहानियाँ दी गई हैं जिनका न केवल हिंदी में, बल्कि समूचे भारतीय कथा -साहित्य में उल्लेखनीय स्थान है । इन कहानियों का उद्देश्य पाठक को व्यक्ति -मन की गढ़ भावनाओं अथवा उसकी अवचेतनगत बारीकियों में उलझाना नहीं है, बल्कि उद्देश्य है समकालीन भारतीय समाज के संघटक अनेकानेक व्यक्‍ति -चरित्रों का उद्‌घाटन । यही वे चरित्र हैं जो व्यक्ति-रूप में अपने पूरे समाज की मुख्य प्रवृत्तियों और स्थितियों को प्रतिबिंबित करने लगते हैं; और इन्हीं के मा ध्यम से हम भारतीय समाज के प्रमुख अंतर्विरोधों तथा उसकी खूबियों और खामियों से परिचित होते हैं । इन कहानियों को पढ़ते हुए हमें ऐसा लगने लगता है कि हम अपने ही आसपास की जीवित सच्चाइयों और वर्गीय विविधताओं से गुजर रहे हैं । इतिहास इन कहानियों में सी धे-सीधे नहीं आता, बल्कि अपनी भूलों, हताशाओं और राजसी मूर्खताओं पर ' सटायर ' करते हुए आता है । वस्तुत : इन कहानियों की चरित्रप्र धान विषय - वस्तु और व्यंग्यात्मक भाषा-'शैली प्रेमचंदोत्तर हिंदी -कहानी के एक दौर की खास पहचान है । इस नाते इन कहानियों का एक ऐतिहासिक महत्त्व भी है ।

EAN: 9788126703333

Package Dimensions: 7.0 x 4.7 x 0.6 inches

Languages: Hindi