👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • 1,000 shoppers active
    From India to the World — Discover Our Global Stores

Nirmal Verma ka Gadya [Hardcover] Sandeep Jaiswal

1,000 shoppers are viewing this product now
Sale price Rs.169.00 Regular price Rs.225.00
Tax included


Compare our Price with Amazon

Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Author: Sandeep Jaiswal

Features:

  • निर्मल वर्मा की संवेदना; स्मृति वेफ धागे से बुना गया गद्य; अकेलेपन और नियति का संदर्भ; प्रकृति-राग; मृत्यु-बोध; निर्मल वर्मा की दूसरी दुनिया;.निर्मल वर्मा का शिल्प; भाषा का जादू; भारतीय आख्यान शैली और निर्मल वर्मा; निर्मल वर्मा वेफ गद्य का स्वभाव

Binding: hardcover

Number Of Pages: 142

Release Date: 01-12-2018

Part Number: B07K5FSN7N

Details: निर्मल वर्मा का गद्य पढऩा एक जादू से गुारना है, जिसके झरते हुए जादू में स्मृति के दरवाो खुलते चले जाते हैं और भीतर से झाँकता है हमारा सोया हुआ समय, अपने पुरखे, प्रेम प्रतीक्षा, वसंत। यह सब हमारी आँखों के सामने होते हैं जब भी आप उनकी कोई किताब खोलते हैं उसके पन्नों में सोये हुए शब्द आँख मलते हुए आपसे बात करने के लिए उठकर बैठ जाते हैं। वे बतियाते हैं आपसे आपके खोये हुए समय के बारे में। वे आपकी स्मृतियों दु:ख, पीड़ा, अकेलेपन को साँझा करेंगे आपके भीतर के उन अँधेरे कोनों को उजागर करेंगे उसका दु:ख बाटेंगे, जहाँ कोई नहीं जाना चाहता। उनका गद्य स्मृतियों से अंतरंगता का गद्य है और यह अंतरंगता जीवन से ही नहीं मृत्यु से भी है ताकि हम उसके प्रति सहज हो सकें उसके त्रास से मुक्त हो सकें। 'परिंदेÓ से लेकर 'अंतिम अरण्यÓ तक उनका गद्य एक संवाद है अपनी परम्परा, पुरखों, प्रकृति, समय और समग्र से। एक खोज है वहाँ अस्तित्व की। एक यात्रारत लेखक निबंध, डायरी, पत्र, कथा हर जगह अपनी स्मृतियों को टटोलता है प्रकृति को अपना राादार बनाता है अन्य से संवाद करता है। कला के मर्म को जानना चाहता है। उनके गद्य में समग्र से अपने को जोडऩे की जो बेचैनी है वह उसको असाधारण रूप से आत्मीय बनाता है यह आत्मीयता ही उनके लेखन का स्थायी भाव है। निर्मल वर्मा के समूचे गद्य के भाव बोध के साथ उनकी जादुई भाषा के विभिन्न आयामों को खोलती एक मुक्कमल पुस्तक है ये।

Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 1.0 inches

Languages: Hindi