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Nariwad (Feminism) Hindi

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Book Details:

  • Author: V.N. Singh and Janmajay Singh

  • Publisher: Rawat Publications

  • Language: Hindi

  • Edition: 2012

  • ISBN: 9788131605707

  • Pages: 424

  • Cover: Paperback

  • Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.6 inches


About the Book

यह पुस्तक नारीवाद (Feminism) के विविध सामाजिक, ऐतिहासिक और समसामयिक पहलुओं को गहराई से विश्लेषित करती है। प्राचीन काल से लेकर उत्तर-आधुनिक युग तक नारी की भूमिका, उसकी समस्याओं और उसके सशक्तिकरण के विभिन्न चरणों को इस पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। नारी अस्मिता, चेतना और स्वावलम्बन को समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समझाते हुए यह पुस्तक नारी-मुक्ति आंदोलनों के प्रभाव और उनकी प्रासंगिकता पर गंभीर विमर्श करती है।

प्रमुख विषयों में ऋग्वेद कालीन समाज में महिलाओं की स्थिति, मनुस्मृति में स्त्री की छवि, नव-जागरण काल का प्रभाव, मुस्लिम समाज में नारी सशक्तीकरण, दलित नारी की स्थिति और लोकगीतों में नारी की सामाजिक व्याख्या शामिल है। पुस्तक में पहली बार मुस्लिम नारी के सामाजिक परिप्रेक्ष्य का गहराई से विश्लेषण किया गया है और स्वतंत्रता आंदोलन में गुमनाम महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया गया है।

यह पुस्तक उन पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो नारी अध्ययन, समाजशास्त्र और स्त्री विमर्श के क्षेत्र में गहन रुचि रखते हैं।


About the Author

डॉ. वी.एन. सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में पीएच.डी. हैं। आपकी 41 पुस्तकें और 300 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। आप उत्तर प्रदेश समाजशास्त्रीय परिषद के संस्थापक संयुक्त मंत्री, पाठ्यक्रम समिति सदस्य और विभिन्न अकादमिक संस्थानों में विशेषज्ञ रह चुके हैं।

डॉ. जनमेजय सिंह, कानपुर विश्वविद्यालय से पीएच.डी. (समाजशास्त्र) प्राप्त हैं और उन्होंने कई पुस्तकों का सहलेखन किया है। शैक्षिक क्षेत्र में इनका विशेष योगदान रहा है।