Mahatma Gandhi Ka Chintan (Thought Of Mahatma Gandhi)
Mahatma Gandhi Ka Chintan (Thought Of Mahatma Gandhi) is backordered and will ship as soon as it is back in stock.
Couldn't load pickup availability
Genuine Products Guarantee
Genuine Products Guarantee
We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.
Delivery and Shipping
Delivery and Shipping
Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.
Book Details:
-
Publisher: Rawat Publications
-
Author: Naresh Dadhich
-
Language: Hindi
-
Edition: 2014
-
ISBN: 9788131606667
-
Pages: 304
-
Cover: Hardcover
-
Dimensions: 9.6 x 6.4 x 0.9 inches
About the Book:
महात्मा गाँधी भारत के उन बिरले व्यक्तित्व में से एक हैं जिनके विचारों और जीवन गाथा को विश्व स्तर पर आदर से स्वीकार किया जाता है। यह पुस्तक महात्मा गाँधी के विचारों पर आधारित है और उनका चिन्तन कई दृष्टिकोणों से व्याख्यायित करता है, जो न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यह एक विडम्बना है कि गाँधी के विचारों का शैक्षिक स्तर पर उच्च स्तरीय विश्लेषण अधिकांश विदेशी विद्वानों द्वारा किया गया है, जबकि भारतीय संदर्भ में यह व्याख्याएँ कम ही पहुँच पाई हैं। यह पुस्तक इसी कमी को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसमें गाँधी पर लिखी गई प्रमुख व्याख्याओं का सारांश रूप में प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक में महात्मा गाँधी के चिन्तन के विभिन्न आयामों को प्रस्तुत किया गया है। इसमें गाँधी के जीवन और कार्य, उनके दक्षिण अफ्रीका में किए गए संघर्ष, उनके दार्शनिक विचार, राजनीति और समाज के प्रति उनके दृष्टिकोण, तथा उनके आर्थिक और धार्मिक विचारों का विश्लेषण किया गया है। गाँधी के सत्याग्रह के सिद्धांत, उनकी राजनीतिक अवधारणाएं, तथा आधुनिकता के प्रति उनका दृष्टिकोण इस पुस्तक का अहम हिस्सा हैं।
यह पुस्तक गाँधी के चिंतन पर हिन्दी भाषा में एक समृद्ध संदर्भ ग्रंथ है, जिसे गाँधी अध्ययन के विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण ग्रंथों की सहायता से तैयार किया गया है। यह विशेष रूप से उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो गाँधी के विचारों को भारतीय परिप्रेक्ष्य में समझना चाहते हैं।
नरेश दाधीच, इस पुस्तक के लेखक, राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। वे लंबे समय से गाँधी-अध्यान और शांति अध्ययन से जुड़े हुए हैं और देश-विदेश में इस विषय पर व्याख्यान दे चुके हैं। उन्होंने गाँधी विचारधारा पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, और उनकी इस पुस्तक में गाँधी के विचारों का गहन और सटीक विश्लेषण किया गया है।


