Madaripur Junction
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Author: Balendu Dwivedi
Brand: Vani Prakashan
Edition: 4th
Binding: Paperback
Format: Big Book
Number Of Pages: 244
Release Date: 01-03-2023
Part Number: 938740949X
Details: मदारीपुर गाँव उत्तर प्रदेश के नक्शे में ढूँढें तो यह शायद आपको कहीं नहीं मिलेगा, लेकिन निश्चित रूप से यह गोरखपुर जिले के ब्रह्मपुर नाम के गाँव के आस-पास के हजारों-लाखों गाँवों से ली गई विश्वसनीय छवियों से बना एक बड़ा गाँव है जो भूगोल से गायब होकर उपन्यास में समा गया है। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मपुर वह स्थान है जहाँ उपन्यासकार बालेन्दु द्विवेदी का बचपन बीता। मदारीपुर में रहने वाले छोटे-बड़े लोग अपने गाँव को अपनी संपूर्ण दुनिया मानते हैं। इसी सोच के कारण यह गाँव संकोच कर गया और कस्बा होते-होते रह गया। गाँव के केंद्र में ‘पट्टी’ है जहाँ ऊँची जाति के लोग रहते हैं। इस पट्टी के चारों ओर झोपड़पट्टियाँ हैं जिनमें तथाकथित निचली जातियों के पिछड़े लोग रहते हैं। यहाँ कभी रहा होगा ऊँची जाति के लोगों के वर्चस्व का जलवा! लेकिन आपसी जलन, कुंठाओं, झगड़ों, दुरभिसंधियों और अंतर्कलहों के रहते धीरे-धीरे अंततः पट्टी के इस ऊँचे वैभव का क्षरण हुआ। संभ्रांत लोग लबादे ओढ़कर झूठ, फरेब, लिप्सा और मक्कारी के वशीभूत होकर आपस में लड़ते रहे, लड़ाते रहे और झूठी शान के लिए नैतिक पतन के किसी भी बिंदु तक गिरने के लिए तैयार थे। पट्टी में से कई तो इतने ख़तरनाक थे कि किसी बिल्ली का रास्ता काट जाएँ तो बिल्ली डर जाए और डरपोक इतने कि बिल्ली रास्ता काट जाए तो तीन दिन घर से बाहर न निकलें। फिर निचली कही जाने वाली बिरादरियों के लोग अपने अधिकारों के लिए धीरे-धीरे जागरूक हो रहे थे और समझ रहे थे - पट्टी की चालपट्टी..! प्रथमदृष्टया और कुल मिलाकर ‘मदारीपुर-जंक्शन’ अत्यंत पठनीय उपन्यास बन पड़ा है। लगता ही नहीं कि यह किसी उपन्यासकार का पहला उपन्यास है। बधाई मेरे भाई! - अशोक चक्रधर
EAN: 9789387409491
Package Dimensions: 8.3 x 5.4 x 0.6 inches
Languages: Hindi


