👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • 1,000 shoppers active
    From India to the World — Discover Our Global Stores

Istanbul Ka tulip (Hindi)

1,000 shoppers are viewing this product now
Sale price Rs.421.00 Regular price Rs.495.00
Tax included


Compare our Price with Amazon

Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Book Details

  • Author: इस्कैंदर पाला

  • Publisher: Niyogi Books

  • Language: Hindi

  • Edition: First Edition

  • ISBN: 9788119626915

  • Pages: 396

  • Binding: Paperback

  • Release Date: 30-09-2024


About the Book

इस्तांबुल का किस्सा एक ऐतिहासिक उपन्यास है जो तुर्क साम्राज्य के स्वर्णिम समय और उसके बाद के पतन को खूबसूरती से चित्रित करता है। इस उपन्यास में कला, सौंदर्यशास्त्र और कल्पना के संगम के साथ ट्यूलिप युग के भव्यता और विनाश का आकर्षक वर्णन किया गया है। 1730 में घटित महान जन विद्रोह, जिसने तुर्की के भविष्य की दिशा बदल दी, इस उपन्यास के केंद्र में है।

कहानी एक युवा व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपनी पत्नी की हत्या का दोषी ठहराकर जेल भेज दिया जाता है। इस हत्याकांड के रहस्य को सुलझाने के लिए युवक के पास एकमात्र सुराग एक ट्यूलिप का बल्ब है, जो उसे अपनी पत्नी की मृत हथेली में मिलता है। यह युवक अनजान है कि वह एक शहज़ादा है, एक सुलतान का बेटा, जो महल से बाहर पला-बढ़ा है।

यह उपन्यास पाठकों को राजसी महलों और दरवेशों के जीवन की झलक देता है, साथ ही ट्यूलिप की किस्मों को उगाने के बागवानी रहस्यों को भी उजागर करता है। मानसिक चिकित्सालयों में मनोरोगियों के उपचार, जेल के यातना उपकरणों, और असंतुष्ट क्रांतिकारियों के षड्यंत्रों का भी विवरण मिलता है, जो इस समय की जटिलताओं और संघर्षों को उजागर करता है।

इस्तांबुल का यह किस्सा तुर्क साम्राज्य के वैभव और दुराचार को एक मोहक तरीके से प्रस्तुत करता है और इस्कैंदर पाला की लेखनी में उस दौर की गहरी सामाजिक और सांस्कृतिक छाया को उजागर करता है।


About the Author

इस्कैंदर पाला का जन्म 1958 में उशाक में हुआ था। उन्होंने 1979 में इस्तांबुल विश्वविद्यालय से साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और 1983 में उसी विश्वविद्यालय से उस्मानी तुर्की दीवान साहित्य में डॉक्टरेट की उपाधि ली। उनकी लघु कथाएं, निबंध और लेखन ने पाठकों को दीवान साहित्य के प्रति एक नई दृष्टि दी।

इन्हें तुर्की लेखक संघ पुरस्कार (1989), तुर्की भाषा प्रतिष्ठान पुरस्कार (1990), और तुर्की लेखक संघ निबंध पुरस्कार (1996) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उनकी किताबों जैसे डेथ इन बेबीलोन, लव इन इस्तांबुल, और द ट्यूलिप ऑफ़ इस्तांबुल ने कई साहित्यिक पुरस्कार जीते और इनकी लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ी है।

इस्कैंदर पाला को 2013 में राष्ट्रपति संस्कृति और कला महत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे वर्तमान में चुल्चुर विश्वविद्यालय में अध्यापक हैं।