उद्योग और समाज (Industry and Society)
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पुस्तक विवरण (Book Details):
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लेखक: मनोज छापड़िया (Manoj Chapadia)
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प्रकाशक: Rawat Publications
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भाषा: हिंदी
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संस्करण: 2022
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ISBN: 9788131612620
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पृष्ठ संख्या: 434
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कवर: हार्डकवर
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प्रकाशन तिथि: 23 अगस्त 2022
पुस्तक के बारे में (About the Book):
यह पुस्तक भारतीय समाज के औद्योगिक रूपांतरण की गहराई से पड़ताल करती है। एक ओर जहाँ भारत आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर वैश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण की प्रक्रियाओं ने न केवल उद्योगों की कार्यशैली को प्रभावित किया है, बल्कि सामाजिक संरचना, अंतरवैयक्तिक संबंधों और मनोवृत्तियों को भी गहराई से छुआ है।
‘औद्योगिक समाजशास्त्र’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक उद्योगों की कार्यप्रणाली, औद्योगिक संगठनों की संरचना, उत्पादन प्रक्रियाओं, श्रमिक संघों की भूमिका, औद्योगिक विवादों, बाल श्रम, श्रमिक कल्याण और सामूहिक सौदेबाजी जैसे विविध पहलुओं को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है।
यह पुस्तक समाजशास्त्र, प्रबंधन, श्रम कल्याण और प्रशासन जैसे क्षेत्रों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग व समाज के अध्येताओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।
विषय सूची (Contents):
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औद्योगिक समाजशास्त्र: अर्थ, विषय-वस्तु, क्षेत्र एवं महत्व
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औद्योगिक समाजशास्त्र का उद्भव एवं विकास
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सैद्धान्तिक परिप्रेक्ष्य
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औद्योगिक संगठन तथा उत्पादन प्रक्रियाएं
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समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में श्रमिक विशेषताएं
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औद्योगिक कार्य: संगठनात्मक प्रक्रियाएं
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श्रमिक, पर्यवेक्षक एवं प्रबन्ध-सम्बन्ध
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श्रमिक एवं औद्योगिक सम्बन्धों पर समग्र दृष्टिपात
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औद्योगिक विवाद तथा समझौता प्रणाली (मध्यस्थता)
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सामूहिक सौदेबाजी
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श्रमिक संघ
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प्रबन्ध में श्रमिकों की सहभागिता
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सामुदायिक अथवा श्रम कल्याण
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अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन
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कारखाना अधिनियम, 1948
लेखक परिचय (About the Author):
प्रो. मनोज छापड़िया, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), मध्य प्रदेश में अध्यापन कर चुके हैं। वर्तमान में आप का.सु. साकेत स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय, अयोध्या के समाजशास्त्र विभाग में प्रोफेसर हैं। आप उत्तर प्रदेश की सोशियोलॉजिकल सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी हैं और भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में नीति-निर्माण की भूमिका में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

