👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • From India to the World — Discover Our Global Stores

🚚 Extra 10% + Free Shipping? Yes, Please!

Shop above ₹5000 and save 10% instantly—on us!

THANKYOU10

Hindi Sahitya Udbhav Aur Vikas

Regular price Rs.795.00
Tax included


Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Author: Hazariprasad Dwivedi

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: 17th

Binding: hardcover

Number Of Pages: 267

Release Date: 01-01-2015

Details: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने साहित्यिक इतिहास-लेखन को पहली बार 'पूर्ववर्ती व्यक्तिवादी इतिहास-प्रणाली के स्थान पर सामाजिक अथवा जातीय एतिहासिक प्रणाली' का दृढ वैज्ञानिक आधार प्रदान किया ! उनका प्रस्तुत ग्रन्थ इसी दृष्टि से हिंदी का अत्यधिक महत्तपूर्ण साहित्येतिहास है ! यह कृति मूलतः विद्यार्थियों को दृष्टि में रखकर लिखी गई है ! प्रयत्न किया गया है कि यथासंभव सुबोध भाषा में साहित्य की विभिन्न प्रवृत्तियों और उसके महत्तपूर्ण बाह्य रूपों के मूल और वास्तविक स्वरुप का स्पष्ट परिचय दे दिया जाए ! परन्तु पुस्तक के संशिप्त कलेवर के समय ध्यान रखा गया है कि मुख्य प्रवृतियों का विवेचन छूटने न पाए और विद्यार्थी अद्यावधिक शोध-कार्यों के परिणाम से अपरिचित न रह जाएँ ! उन अनावश्यक अटकलबाजियो और अप्रासंगिक विवेचनाओं को समझाने का प्रयत्न तो किया गया है, पर बहुत अधिक नाम गिनाने की मनोवृत्ति से बचने का भी प्रयास है ! इससे बहुत से लेखको के नाम छूट गए हैं, पर साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियां नहीं छूटी हैं ! साहित्य के विद्यार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक !

EAN: 9788126700356

Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.9 inches

Languages: Hindi