वैश्वीकरण, सामाजिक गतिशीलता एवं अनुसूचित जातियां (Globalization, Social Movements and Scheduled Castes)
वैश्वीकरण, सामाजिक गतिशीलता एवं अनुसूचित जातियां (Globalization, Social Movements and Scheduled Castes) is backordered and will ship as soon as it is back in stock.
Couldn't load pickup availability
Genuine Products Guarantee
Genuine Products Guarantee
We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.
Delivery and Shipping
Delivery and Shipping
Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.
Book Details:
-
Author: सुमित्रा शर्मा
-
Publisher: Rawat Publications
-
Language: Hindi
-
Edition: 2020
-
ISBN: 9788131611715
-
Pages: 220
-
Cover: Hardcover
About the Book
यह पुस्तक अनुसूचित जातियों की महिलाओं के सामाजिक परिवर्तनों को वैश्वीकरण की पृष्ठभूमि में विश्लेषित करती है। ऐतिहासिक रूप से उपेक्षा की शिकार रही अनुसूचित जाति की महिलाएं आज भी जाति, लिंग और वर्ग के तिहरे भेदभाव का सामना कर रही हैं। इस पुस्तक में यह विमर्श किया गया है कि किस प्रकार वैश्वीकरण की प्रक्रिया ने सामाजिक गतिशीलता को तीव्र किया है और किस हद तक इसने जातिगत गैर-बराबरी को चुनौती दी है।
पुस्तक में जयपुर और सीकर जिलों के दो-दो गांवों में अनुसूचित जाति की महिलाओं के जीवन में आए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। इसमें शिक्षा, पारिवारिक स्थिति, जीवनशैली, रीति-रिवाज, राजनैतिक जागरूकता और सामाजिक सहभागिता में आए बदलावों को गहराई से विश्लेषित किया गया है।
पुस्तक की सामग्री छह अध्यायों में विभाजित है, जिनमें वैश्वीकरण की अवधारणा, अनुसंधान पद्धति, ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक गतिशीलता, महिलाओं के बदलते सामाजिक प्रतिमान, तुलनात्मक विश्लेषण, और निष्कर्षों को समाहित किया गया है।
About the Author:
सुमित्रा शर्मा, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में सहायक आचार्य हैं। सामाजिक संस्तरण, ग्रामीण समाज, सामाजिक गतिशीलता और लैंगिक अध्ययन इनके प्रमुख शोध क्षेत्र हैं। वर्ष 2016 में इन्हें भारतीय समाज विज्ञान अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली से पोस्ट डाॅक्टरल फैलोशिप प्राप्त हुई थी। इनके शोध कार्य राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं एवं संपादित पुस्तकों में प्रकाशित हो चुके हैं।

