हरिशंकर परसाई: Harishankar Parsai (Makers of Indian Literature)
हरिशंकर परसाई: Harishankar Parsai (Makers of Indian Literature) is backordered and will ship as soon as it is back in stock.
Couldn't load pickup availability
Genuine Products Guarantee
Genuine Products Guarantee
We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.
Delivery and Shipping
Delivery and Shipping
Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.
Book Details
Publisher: Sahitya Akademi
Author: Vishwanath Tripathi
Language: Hindi
Edition: 2019
Pages: 124
Cover: Paperback
Dimensions: 21.5 cm × 14 cm
Weight: 190 gm
About the Book
यह पुस्तक हिंदी साहित्यिक आलोचना और वैचारिक लेखन की परंपरा में एक सशक्त और सारगर्भित कृति है। लेखक विश्वनाथ त्रिपाठी ने इसमें साहित्य, संस्कृति और संवेदना से जुड़े विषयों को संक्षिप्त लेकिन गहन रूप में प्रस्तुत किया है। कम पृष्ठों में भी यह पुस्तक विचारों की गहराई और बौद्धिक स्पष्टता के लिए जानी जाती है।
लेखक की भाषा शैली सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली है, जिससे पाठक सीधे विचारों से जुड़ पाता है। पुस्तक में साहित्यिक अनुभव, सामाजिक यथार्थ और रचनात्मक दृष्टि का संतुलित संयोजन देखने को मिलता है। विषयवस्तु पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है और साहित्य को समझने की एक परिपक्व दृष्टि प्रदान करती है।
साहित्य अकादेमी द्वारा प्रकाशित यह कृति हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों और गंभीर पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह पुस्तक अध्ययन, संदर्भ और विचारशील पठन—तीनों उद्देश्यों के लिए उपयुक्त मानी जाती है और एक संग्रहणीय साहित्यिक दस्तावेज के रूप में अपना महत्व रखती है।




