👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • From India to the World — Discover Our Global Stores

Vichar Ka Dar

Regular price Rs.395.00
Tax included


Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Author: Krishna Kumar

Brand: Rajkamal Prakashan

Binding: hardcover

Number Of Pages: 138

Release Date: 01-10-2019

Part Number: 8171785158

Details: हिंदी गद्य का स्वरूप साठ के दशक में बदलना शुरू हो चुका था। सत्तर के दशक में यह बदलाव कई विधाओं में प्रकट हुआ। लोकतांत्रिक चेतना के फैलाव से पैदा हुए तनावों के अलावा शिक्षा और संचार के आधुनिक माध्यमों का विस्तार गद्य को जिज्ञासा और समझ की नई ज़मीनें तोडऩे के लिए तैयार कर रहा था। इस विकास को कुंठित करनेवाली ताकतें—अंग्रेज़ी की चौधराई, राज्याश्रित हिंदी की राजनीति और उत्तर के समाज में फैली सामंती प्रवृत्तियाँ भी पोषण पा रही थीं; विचार का डर हमें इन ताकतों को समझने में मदद दे सकता है। इस पुस्तक में संकलित पद्य पिछले दो दशकों में प्रकाशित कृष्ण कुमार की वैचारिक रचनाशीलता की बानगी तो देता ही है, इस समूचे दौर की गतिशील प्रवृत्तियों का बिंब भी प्रस्तुत करता है। विषयों की दृष्टि से ये लेख, निबंध और संस्मरण हिंदी समाज के सरोकारों का पैमाना कहे जा सकते हैं। अर्थ और राजनीति से लेकर साहित्य, संचार और मनोरंजन के तेज़ी से बदलते हुए ढाँचों के बीच तकनीक, भाषा, फिल्म-संगीत, स्त्री, सांप्रदायिक हिंसा और पत्रकारिता जैसे संदर्भों की जाँच इस कृति को एक नई तरह का, बहुत फैला हुआ पाठक समुदाय देती है।.

EAN: 9788171785155

Package Dimensions: 8.8 x 5.7 x 0.7 inches

Languages: Hindi