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Samajshastra Visvakosh (Encyclopaedia Of Sociology)

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Book Details

  • Publisher: Rawat Publications

  • Author: Harikrishna Rawat

  • Language: Hindi

  • Edition: 1998

  • ISBN: 8170334470

  • Pages: 438

  • Cover: Hardcover

  • Dimensions: 8.6 x 5.8 x 1.1 inches


About the Book

भारत में समाजशास्त्र एक विदेशी विषय के रूप में आया, और लंबे समय तक इसका अध्ययन-अध्यापन केवल अंग्रेज़ी भाषा में होता रहा। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह अनुभव किया गया कि ज्ञान का प्रसार राष्ट्रीय और क्षेत्रीय भाषाओं में होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। इसी विचार से प्रेरित होकर समाजशास्त्र विश्वकोश की रचना की गई।

यह कोश हिन्दी भाषी पाठकों के लिए समाजशास्त्र की लगभग दो हजार प्रमुख अवधारणाओं और पदों (terms) को समेटे हुए है। इसमें न केवल इन अवधारणाओं को परिभाषित किया गया है, बल्कि उनके आपसी भेद और साम्यताओं को भी ऐतिहासिक दृष्टिकोण से आलोचनात्मक टिप्पणियों सहित स्पष्ट किया गया है। यह कोश उन सभी पाठकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो कम समय में समाजशास्त्र का अधिकाधिक ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं।

इसका व्यापक स्वागत उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में हुआ है। नए संस्करण में पाठकों की समीक्षाओं और सुझावों के आधार पर कई नयी प्रविष्टियाँ जोड़ी गई हैं तथा कई मौजूदा प्रविष्टियों को अद्यतन और परिष्कृत किया गया है।

यह ग्रंथ न केवल समाजशास्त्र विषय के छात्रों और शोधार्थियों के लिए एक सशक्त संदर्भ सामग्री है, बल्कि राज्य और केंद्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।


About the Author

प्रो. हरिकृष्ण रावत ने अपने चार दशकों से भी अधिक लंबे शैक्षणिक जीवन में समाजशास्त्र के अध्यापन को नई दिशा दी। उन्होंने महाराजा कॉलेज, जयपुर से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में ब्यावर के सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय में दीर्घकाल तक स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर शिक्षण कार्य किया। वह राजस्थान के समाजशास्त्र के क्षेत्र में अग्रणी शिक्षकों में से एक रहे हैं।

उनकी अन्य चर्चित कृतियों में मानवशास्त्र कोश, सामाजिक चिंतक एवं सिद्धांतकार, मानवशास्त्रीय विचारक, और सामाजिक शोध पर केंद्रित पुस्तकें शामिल हैं। यह पुस्तक उनकी विद्वता और अनुभव का उत्कृष्ट उदाहरण है।