Samajik Vicharak (Social Thinkers)
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Book Details
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Author: S.L. Doshi and P.C. Jain
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Publisher: Rawat Publications
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Language: Hindi
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Edition: 1997
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ISBN: 9788170333609
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Pages: 462
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Cover: Hardcover
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Dimensions: 8.7 x 5.8 x 1.1 inches
About the Book
समाज विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है। "Samajik Vicharak" सामाजिक विचारकों पर केन्द्रित एक ऐसी पुस्तक है, जो कार्ल मार्क्स, इमाइल दुर्खीम और मेक्स वेबर जैसे प्रमुख विचारकों के सिद्धांतों और सामाजिक दृष्टिकोणों को बहुआयामी संदर्भों में प्रस्तुत करती है। हिन्दी माध्यम में इस विषय पर उपलब्ध साहित्य की कमी को ध्यान में रखते हुए यह पुस्तक न केवल पाठ्यक्रम आधारित आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, बल्कि विचारकों के सम्पूर्ण कृतित्व को गहराई से समझने का अवसर भी प्रदान करती है।
इस पुस्तक की विशेषता यह है कि इसमें मौलिक सामग्री की बजाय विचारकों के विचारों का विस्तृत एवं निर्बाध विवेचन किया गया है। इसमें मार्क्सवाद के अंतर्गत द्वंद्वात्मक भौतिकवाद, ऐतिहासिक भौतिकवाद, वर्ग संघर्ष जैसे जटिल विषयों को सरल भाषा में समझाया गया है। दुर्खीम के सामाजिक तथ्य, आत्महत्या पर अध्ययन और धर्म के समाजशास्त्र से लेकर मेक्स वेबर के प्रोटेस्टेन्ट एथिक, सामाजिक क्रिया सिद्धांत और अधिकारीतंत्र जैसे विचारों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का उद्देश्य छात्रों और पाठकों को एक समग्र दृष्टिकोण देना है जिससे वे इन विचारकों के सिद्धांतों को न केवल समझ सकें बल्कि समसामयिक संदर्भों में उनकी प्रासंगिकता को भी पहचान सकें। यह कृति स्नातक, परास्नातक एवं शोध स्तर के विद्यार्थियों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी एक मूल्यवान संसाधन है।


