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Book Details

  • Author: K.L. Sharma

  • Publisher: Rawat Publications

  • Language: Hindi

  • Edition: 2011

  • ISBN: 9788131604014

  • Pages: Not Mentioned

  • Cover: Hardcover

  • Dimensions: 8.6 x 5.7 x 0.6 inches


About the Book

इस पुस्तक में प्रसिद्ध समाजशास्त्री के. एल. शर्मा ने सामाजिक स्तरीकरण और सामाजिक गतिशीलता जैसे जटिल समाजशास्त्रीय विषयों को अत्यंत स्पष्ट, वैज्ञानिक और आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। पुस्तक में न केवल स्तरीकरण की मूल अवधारणाओं जैसे समानता, असमानता, अपवर्जन, निर्धनता और वंचन का विश्लेषण किया गया है, बल्कि इनकी वैचारिक स्पष्टता और अनुभवजन्य पुष्टि के साथ गहराई से विवेचना भी की गई है।

पुस्तक भले ही आकार में संक्षिप्त हो, लेकिन इसमें सामाजिक स्तरीकरण से जुड़े प्रमुख सिद्धांतों, उपागमों और सामाजिक चित्रणों को समुचित रूप से समाहित किया गया है। जाति, वर्ग, प्रस्थिति समूह, सत्ता, लिंग-भेद, सजातीयता और प्रजातीय आधार पर बने स्तरीकरण तंत्रों का विश्लेषण पुस्तक को भारतीय समाज की गहराई से समझ विकसित करने में सहायक बनाता है। ‘जाति व्यवस्था’ और ‘स्तरीकरण के उभरते प्रतिमान’ पर विशेष अध्याय पुस्तक की प्रासंगिकता को और भी बढ़ा देते हैं।

यह पुस्तक समाजशास्त्र के विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक सिद्ध होगी।


About the Author

डॉ. कन्हैया लाल शर्मा वर्तमान में जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। वे राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलपति, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रति-कुलपति और ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स’ में प्रोफेसर रह चुके हैं। उन्होंने पेरिस स्थित ‘कॉलेज दे फ्रांस’ में पाँच बार अतिथि प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया है। सामाजिक स्तरीकरण, गतिशीलता, कृषक और जनजातीय आंदोलनों पर उनका लेखन कार्य अत्यधिक समृद्ध और प्रशंसित रहा है।