भारतीय समाज (समाजशास्त्र रीडर - III) Indian Society (Hindi)
भारतीय समाज (समाजशास्त्र रीडर - III) Indian Society (Hindi) is backordered and will ship as soon as it is back in stock.
Couldn't load pickup availability
Genuine Products Guarantee
Genuine Products Guarantee
We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.
Delivery and Shipping
Delivery and Shipping
Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.
Book Details:
-
Author: नरेश भार्गव, वेददान सुधीर, अरुण चतुर्वेदी और संजय लोढ़ा (Naresh Bhargava, Veddan Sudhir, Arun Chaturvedi and Sanjay Lodha)
-
Publisher: Rawat Publications
-
Language: Hindi
-
Edition: 2021
-
ISBN: 9788131611746
-
Pages: 372
-
Cover: Hardcover
-
Release Date: 12-08-2021
About the Book
यह पुस्तक भारतीय समाज की विविधताओं और अंतर्निहित एकता को समझने का एक गहन प्रयास है। भारत में शताब्दियों से विभिन्न नृजातीय समूहों का आगमन और समन्वय भारतीय सामाजिक संरचना को अद्वितीय बनाता है। इस संकलन में भारतीय समाज की जटिलताओं, संस्थागत व्यवस्थाओं और ग्रामीण-नगरीय विभाजन को 18 उत्कृष्ट अध्यायों के माध्यम से गहराई से विश्लेषित किया गया है।
इसमें सामाजिक-सांस्कृतिक उद्भव, जाति व्यवस्था, विवाह, नातेदारी, परिवार, ग्रामीण और नगरीय समाज की विशेषताओं, सामाजिक संस्थानों की प्रकृति व कार्यशैली, और नगरीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुख समाजशास्त्रियों और चिंतकों के लेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
यह संकलन तीन खंडों में विभक्त है और विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं तथा समाजशास्त्र के पाठकों को भारतीय समाज की गहराई से समझ प्रदान करता है। इसमें के.एल. शर्मा, ए.आर. देसाई, रामधारी सिंह दिनकर, श्यामाचरण दुबे, योगेन्द्र सिंह, के.एम. कापड़िया, ए.एम. शाह, रॉबिन फॉक्स, राम आहूजा, एस.एल. दोषी, टी.के. ओमन और वी.एन. सिंह जैसे विद्वानों के विचार शामिल हैं।

