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Hindi Sahitya Udbhav Aur Vikas

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Author: Hazariprasad Dwivedi

Brand: Rajkamal Prakashan

Edition: 17th

Binding: hardcover

Number Of Pages: 267

Release Date: 01-01-2015

Details: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ने साहित्यिक इतिहास-लेखन को पहली बार 'पूर्ववर्ती व्यक्तिवादी इतिहास-प्रणाली के स्थान पर सामाजिक अथवा जातीय एतिहासिक प्रणाली' का दृढ वैज्ञानिक आधार प्रदान किया ! उनका प्रस्तुत ग्रन्थ इसी दृष्टि से हिंदी का अत्यधिक महत्तपूर्ण साहित्येतिहास है ! यह कृति मूलतः विद्यार्थियों को दृष्टि में रखकर लिखी गई है ! प्रयत्न किया गया है कि यथासंभव सुबोध भाषा में साहित्य की विभिन्न प्रवृत्तियों और उसके महत्तपूर्ण बाह्य रूपों के मूल और वास्तविक स्वरुप का स्पष्ट परिचय दे दिया जाए ! परन्तु पुस्तक के संशिप्त कलेवर के समय ध्यान रखा गया है कि मुख्य प्रवृतियों का विवेचन छूटने न पाए और विद्यार्थी अद्यावधिक शोध-कार्यों के परिणाम से अपरिचित न रह जाएँ ! उन अनावश्यक अटकलबाजियो और अप्रासंगिक विवेचनाओं को समझाने का प्रयत्न तो किया गया है, पर बहुत अधिक नाम गिनाने की मनोवृत्ति से बचने का भी प्रयास है ! इससे बहुत से लेखको के नाम छूट गए हैं, पर साहित्य की प्रमुख प्रवृत्तियां नहीं छूटी हैं ! साहित्य के विद्यार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक !

EAN: 9788126700356

Package Dimensions: 8.7 x 5.7 x 0.9 inches

Languages: Hindi