Book Details
Publisher: Sahitya Akademi
Author: Surinder Singh
Language: Hindi
Edition: 2024
Pages: 103
Cover: Paperback
ISBN: 9788172013431
Dimensions: 21.5 cm × 14 cm
Weight: 160 gm
About the Book
यह पुस्तक समकालीन हिंदी साहित्यिक विमर्श में एक विचारोत्तेजक और सारगर्भित कृति के रूप में प्रस्तुत होती है। लेखक सुरिंदर सिंह ने इसमें अपने साहित्यिक अनुभव, चिंतन और संवेदनशील दृष्टि के माध्यम से विषय को स्पष्टता और संतुलन के साथ रखा है। सीमित पृष्ठों में भी पुस्तक विचारों की गहराई और वैचारिक स्पष्टता के लिए उल्लेखनीय है।
लेखन शैली सहज, प्रवाहपूर्ण और संवादात्मक है, जिससे पाठक आसानी से विषय से जुड़ पाता है। पुस्तक में साहित्य, समाज और मानवीय अनुभवों के आपसी संबंधों को सूक्ष्म दृष्टि से देखा गया है, जो पाठक को सोचने और आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है। लेखक की दृष्टि आधुनिक संदर्भों से जुड़ी हुई है, जिससे यह कृति वर्तमान समय में विशेष रूप से प्रासंगिक बनती है।
साहित्य अकादेमी द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अध्यापकों और गंभीर पाठकों के लिए उपयोगी है। अध्ययन, संदर्भ और वैचारिक पठन के उद्देश्य से यह एक संग्रहणीय पुस्तक मानी जाती है, जो आधुनिक हिंदी साहित्यिक चिंतन को समझने में सहायक सिद्ध होती है।




