{"product_id":"thakurbadi-ठाकुरबाड़ी-gurudev-ravindranath-tagore-ka-kutumb-vritant-गुरुदेव-रबींद्रनाथ-टैगोर-का-कुटुंब-वृत्तांत","title":"Thakurbadi\/ठाकुरबाड़ी: Gurudev Ravindranath Tagore Ka Kutumb Vritant\/गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर का कुटुंब वृत्तांत","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Mukharjee\/अनिमेष मुखर्जी, Animesh\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Penguin Swadesh\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e Paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 224\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 15-11-2024\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e द्वारकानाथ टैगोर इतने बड़े ज़मींदार थे कि जब वे लंदन पहुँचे, तो महारानी विक्टोरिया ने उन्हें प्राइवेट डिनर पर बुलाया, इंग्लैंड का अगला प्रधानमंत्री उनका दोस्त बनना चाहता था। उन्हीं द्वारकानाथ को उनकी पत्नी ने ही घर में घुसने नहीं दिया और उनके पोते रबींद्रनाथ टैगोर ने तो अपने दादा के सारे दस्तावेज़ जलाकर ख़त्म कर दिए।\u003cbr\u003e\nइसी तरह, जिस समय टैगोर और गांधी में वैचारिक युद्ध चरम पर था, उसी समय गुरुदेव की भांजी सरला देवी ने गांधी के लिए खादी से बनी साड़ियों की मॉडलिंग शुरू की, जबकि बापू अपनी पत्नी कस्तूरबा तक को खादी की साड़ियाँ पहनने के लिए नहीं मना पाए थे।\u003cbr\u003e\nप्लासी का युद्ध हो या पृथ्वीराज कपूर को हिंदी सिनेमा में ब्रेक दिलवाना, औरतों का आधुनिक तरीके से साड़ी पहनना हो या बेझिझक बिकिनी पहनना, भारत के समाज को बदलने वाली तमाम घटनाओं में टैगोर परिवार किसी न किसी तरह से शामिल रहा है।\u003cbr\u003e\nअनिमेष मुखर्जी की यह किताब देश के पहले नोबेल पुरस्कार विजेता रबींद्रनाथ टैगोर के कुटुंब को जोड़ते हुए इतिहास की कुछ ऐसी घटनाओं और कालजयी प्रेम कहानियों का दस्तावेज़ है, जहाँ क़िस्से हक़ीक़त से ज़्यादा दिलचस्प हैं।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9780143466079\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 7.8 x 5.1 x 0.4 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":51209368731952,"sku":"VarietyBook_9780143466079","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/71YDdc7XolL.jpg?v=1774070577","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/thakurbadi-%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-gurudev-ravindranath-tagore-ka-kutumb-vritant-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ac-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}