{"product_id":"stree-mukti-yatharth-aur-utopia-paperback-rajiv-ranjan-giri","title":"Stree Mukti : Yatharth aur Utopia [Paperback] Rajiv Ranjan Giri","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Rajiv Ranjan Giri\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 328\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2023\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e विचार एक तरह की विशिष्ट स्थानिकता, इतिहास और भूगोल की अंत:क्रियाओं से जन्म लेते हैं। अब तक हम जिस परिघटना को ज्ञानोदय (एनलाइटेनमेंट) कहते थे, उसे अब हम सायास यूरोपीय ज्ञानोदय कहने लगे हैं; जैसे, मार्क्सवाद सार्वभौम विचारधारा नहीं है, उसी तरह नारीवाद भी सार्वभौम नहीं है। भारत में नारीवाद ने कभी सार्वभौम होने का दावा भी नहीं किया। स्त्री - मुक्ति का संघर्ष सिर्फ़ महिलाओं का नहीं बल्कि एक सामाजिक संघर्ष भी है। पूरी दुनिया बदलेगी, तभी आधी दुनिया भी बेहतर होगी। पूँजी और व्यवस्था के विकेंद्रीकरण की लड़ाई से जुदा रहकर स्त्री-मुक्ति का कारवाँ आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए, वैकल्पिक विकास और संघर्ष की लौ जलाने वाली उन महिलाओं का अभिषेक करना चाहिए, जिन्होंने बाजार- उपभोग - हिंसा के पागलपन के खिलाफ, अपने जीवन का ध्येय तय किया है। लिहाज़ा जब राधा बहन भट्ट उत्तरांचल में महिलाओं-पुरुषों को साथ लेकर गंगा को उसके मुहाने पर कैद करने की विकसित सोच से लोहा लेती हैं, और मेधा पाटकर लालगढ़ से लेकर दंतेवाड़ा तक बिछी हिंसा के खिलाफ एवं नर्मदा आंदोलन हेतु सड़क पर उतरती हैं, तो वह महिलाओं के साथ समाज और देश के लिए एक बेहतर कल को भी संभव बनाने की लड़ाई लड़ रही होती हैं। हम नारीवादी यौनिकता के दो चेहरों के बीच फ़ँसे हैं। पितृसत्तात्मक समाज के, खतरे और हिंसा वाले चेहरे को, हमलोग बखूबी पहचानते हैं; लेकिन, चाहत और सुख से जुड़े दूसरे चेहरे को नहीं पहचानते। उसे पहचानने की कोशिश करने पर एक वैकल्पिक विमर्श की जरूरत महसूस होती है। ...इसी पुस्तक से\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789390973149\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.1 x 6.3 x 0.8 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Retail Maharaj","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901190770992,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_9390973147","price":457.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/51ltpcqsHOL.jpg?v=1780567861","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/stree-mukti-yatharth-aur-utopia-paperback-rajiv-ranjan-giri","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}