{"product_id":"samajshastra-hindi","title":"Samajshastra (Hindi)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eBook Details\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAuthor\u003c\/strong\u003e: Sidana J\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePublisher\u003c\/strong\u003e: Rawat Publications\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eLanguage\u003c\/strong\u003e: Hindi\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eEdition\u003c\/strong\u003e: 2021\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eISBN\u003c\/strong\u003e: 9788131611623\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePages\u003c\/strong\u003e: 420\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eCover\u003c\/strong\u003e: Paperback\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eDimensions\u003c\/strong\u003e: 8.5 x 5.5 x 0.8 inches\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003chr\u003e\n\u003ch3\u003eAbout the Book\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003e\"समाजशास्त्र: एक मूल्यांकनात्मक परिचय\"\u003c\/strong\u003e एक व्यापक और विश्लेषणात्मक पाठ्यपुस्तक है, जो समाजशास्त्र की बुनियादी अवधारणाओं से लेकर उसकी व्यवहारिक उपयोगिता तक को सहज भाषा में प्रस्तुत करती है। नवजागरण काल में उत्पन्न समाज विज्ञान की वैचारिक धाराएँ—संस्थापन समर्थक और विरोधी दोनों—समाजशास्त्र को बहुआयामी बना देती हैं। यह पुस्तक इन्हीं जटिल विचारधाराओं को हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए सरल और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपुस्तक में कुल 18 अध्याय हैं जो समाज की संरचना, संस्थाएँ, संस्कृति, सामाजिक समूह, नियंत्रण, परिवर्तन, स्तरीकरण, वैश्वीकरण जैसी प्रमुख अवधारणाओं को क्रमबद्ध रूप में विस्तृत करते हैं। प्रत्येक अध्याय तार्किक रूप से अगले अध्याय की भूमिका तय करता है, जिससे अध्ययन की प्रक्रिया सहज और सुसंगत बन जाती है। यह पुस्तक पाठ्य और संदर्भ सामग्री के रूप में दोनों रूपों में उपयोगी है और विशेष रूप से हिंदी भाषी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपुस्तक की विषयवस्तु नवीनतम समाजशास्त्रीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित है, जो न केवल शिक्षार्थियों की समझ को गहरा करती है, बल्कि उन्हें नागरिक चेतना और सामाजिक एकजुटता की ओर भी उन्मुख करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलेखिका का परिचय:\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eज्योति सिडाना\u003c\/strong\u003e वर्तमान में राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा में समाजशास्त्र की सहायक आचार्य हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से एम.फिल. एवं पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें प्रो. ओ.पी. शर्मा स्मृति पुरस्कार, प्रो. राधा कमल मुखर्जी यंग सोशल साइंटिस्ट पुरस्कार, यूजीसी रिसर्च अवार्ड और राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। 130+ से अधिक लेख और शोध आलेखों का प्रकाशन, 29 पाठ्य पुस्तक अध्यायों का योगदान और तीन पुस्तकों की लेखिका के रूप में, डॉ. सिडाना ने अकादमिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rawat Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50006154543408,"sku":"DRG.RawatPublications_9788131611623","price":298.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/71hLbzdBZpL.jpg?v=1756464117","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/samajshastra-hindi","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}