{"product_id":"rahasya-ki-kahaniyan-रहस्य-की-कहानियाँ","title":"Rahasya Ki Kahaniyan\/रहस्य की कहानियाँ","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Elan Po\/एडगर एलन पो, Edgar\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Penguin swadesh\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 120\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 20-05-2024\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e एडगर एलन पो न केवल कवि हैं, बल्कि एक महान कहानीकार भी हैं। वे अपनी कहानियों में एक ऐसा रहस्यमय वातावरण पैदा कर देते हैं कि पाठक रोमांचित हो जाता है। कल्पना की उड़ान भरने में तो उनके सामने बड़े-बड़े लेखक भी फीके पड़ते हैं। कविता और कहानी के अतिरिक्त उन्होंने आलोचनात्मक साहित्य भी लिखा है। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व लिखी हुई उनकी कहानियाँ आज भी वैसी ही लोकप्रिय हैं, जैसी उस समय थीं। उनकी कला को देश और काल की सीमाएँ नही बाँध सकी।\u003cbr\u003e\nवैसे तो पो की छाप साहित्य के सभी अंगो पर पड़ी, परंतु अंग्रेज़ी के कहानी साहित्य को जितना पो ने प्रभावित किया, उतना किसी और लेखक ने नही। अमेरिका के महान साहित्यकार एडगर एलन पो रहस्य-रोमांच की कहानियों के जादूगर माने जाते हैं। इस पुस्तक में इनकी पाँच श्रेष्ठ कहानियाँ संकलित हैं।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9780143468141\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 7.7 x 5.0 x 0.5 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50123288838448,"sku":"Trans_9780143468141","price":128.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/71ITquDEvyL.jpg?v=1757330927","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/rahasya-ki-kahaniyan-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}