{"product_id":"palmistry-ke-anubhut-prayog-part-2","title":"Palmistry Ke Anubhut Prayog (Part 2)","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Dayanand Verma\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Diamond Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 88\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 16-02-2022\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e प्रेम, विवाह एवं तलाक आदि प्रश्नों का समाधान बताने वाली यह अनोखी पुस्तक है। इसमें हस्तरेखाओं एवं लक्षणों का विस्तृत विवरण है। जातक की समस्याओं का सचित्र और विधिपूर्वक समाधान दिया गया है। विवाह में देर क्यों हो रही है? विवाह कब तक होगा? विवाह अथवा प्रेम में सफलता मिलेगी अथवा असफलता। तलाक होगा तो कब तक? ---जैसे असंख्य सवालों के जवाब इस पुस्तक में दिए गए हैं।पामिस्ट्री गुरू दयानंद वर्मा और उनकी पुत्री निशा घई को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। इंस्टीट्यूट ऑफ पामिस्ट्री के संस्थापक दयानंद वर्मा का नाम विश्व में हस्तरेखा विशेषज्ञों में बड़े सम्मान से लिया जाता है। वर्षों की उनकी शोध ने पामिस्ट्री में नये कीर्तिमान स्थापित किए हैं। जिस प्रकार ब्लड टेस्ट आदि देखकर एक विशेषज्ञ शरीर के भीतरी अंगों की क्रियाओं को समझ सकता है, उसी प्रकार एक हस्तरेखा विशेषज्ञ हाथ की रेखाएं देखकर उस व्यक्ति के भीतर छिपी संभावनाओं को समझ सकता है। मनुष्य के अंदर छिपी संभावनाओं का अध्ययन ही भूत, भविष्य और वर्तमान को पढ़ना है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789351657453\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.5 x 5.4 x 0.3 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Diamond Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49135826272560,"sku":"DRG.Diamond Books _9789351657453","price":86.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/diamond-books-book-default-title-palmistry-ke-anubhut-prayog-part-2-38899862798640.jpg?v=1753016182","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/palmistry-ke-anubhut-prayog-part-2","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}