{"product_id":"manusmriti-hindi-1","title":"Manusmriti [Hindi]","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e \u003cspan\u003eTulsi Ram Swami\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003e\u003cstrong\u003eमनु स्मृति\u003c\/strong\u003e\u003c\/b\u003e\u003cb\u003e\u003cstrong\u003e \u003c\/strong\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003e\u003cstrong\u003eमनु स्मृति हिन्दू धर्म की मुख्य आचार- संहिता है I 'मनु स्मृति ' नाम सुनते ही प्रत्येक हिन्दू के मन में इस ग्रन्थ को पढ़ने और समझने की जिज्ञासा उतपन्न होती है I महर्षि मनु ने अपने पुत्र भृगु को और भृगु ने अपने शिष्यो को इसका उपदेश दिया I महर्षि मनु ने सम्यक समाज - सरचना के लिए वर्ण व्यवस्था दी I जीवन की पूर्ण सफलता के लिए आश्रम -व्यवस्था की स्थापना की I ब्रह्मचर्य आश्रम विधाध्ययन के लिए, गृहस्थ आश्रम संतान - वृद्धि के लिए, वानप्रस्थ समाज सेवा के लिए और संन्यास आश्रम ईश्वर चिंतन के लिए है है I प्रत्येक आश्रमी के लिए आचार -विचार के नियम विस्तारपूर्वक निशिचत किये है I गृहस्थ आश्रम वंश और समाज के पालन के लिए है I घर आया हुआ अतिथि भूखा नहीं जाना चाहिए I  दान अवश्य दे ; किन्तु पात्र - कुपात्र का निश्चय करके I  पितरो के श्राद्ध अवश्य करे, किन्तु भोजन केवल वेदपाठी सदाचारी ब्राह्मणों को ही कराये I मनु - स्मृति में यग्यो पर विशेष ध्यान दिया गया है ई मनु ने सात्विक यग्यो को ही मान्यता दी है ; किन्तु कालान्तर में मांस - भोजी ब्राह्मणों ने यज्ञ और श्राद्ध में मांस   परोसने की व्यववस्था देने वाले प्रक्षेपक जोड़ दिये है I  इस कारण गत दो तीन सदियो से मनु के मासाहार होने का विवाद चल रहा है I किन्तु विद्वान् टीकाकार ने अपनी पैनी दृष्टि , सूक्ष्म विवेक और विस्तृत अनुभव के आधार पर उनका खंडन किया है I  हमें आशा ही नहीं, अपितु पूर्ण विश्वास है कि हमारे सुधि पाठक प्रस्तुत ग्रन्थ का अध्ययन करके \" मनु स्मृति \" के वास्तविक स्वरूप और सिद्धान्तों का ज्ञान प्राप्त करेगे और तदनुरूप आचरण करते हुए सुखी और दीर्घ जीवन प्राप्त करेगे तथा चतुवर्ग फल प्राप्ति के अधिकारी बनेगे I\u003c\/strong\u003e\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 128\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9788128805943\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.3 x 5.4 x 0.3 inches\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Brijbhoomi Books And Handicrafts","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49247199428912,"sku":"DRG.Brijbhoomi Books And Handicrafts_9788188230995","price":320.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/brijbhoomi-books-and-handicrafts-book-default-title-manusmriti-hindi-39271907066160.webp?v=1775951095","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/manusmriti-hindi-1","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}