{"product_id":"mai-mrityu-sikhata-hoon-hindi","title":"Mai Mrityu Sikhata Hoon [Hindi]","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Osho\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Diamond Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e Paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 380\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-01-2007\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e \"समाधि में साधक मरता है स्वयं, और चूंकि वह स्वयं मृत्यु में प्रवेश करता है, वह जान लेता है इस सत्य को कि मैं हूं अलग, शरीर है अलग। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, मृत्यु समाप्त हो गई। और एक बार यह पता चल जाए कि मैं हूं अलग, और जीवन का अनुभव शुरू हो गया। मृत्यु की समाप्ति और जीवन का अनुभव एक ही सीमा पर होते हैं, एक ही साथ होते हैं। जीवन को जाना कि मृत्यु गई, मृत्यु को जाना कि जीवन हुआ। अगर ठीक से समझें तो ये एक ही चीज को कहने के दो ढंग हैं। ये एक ही दिशा में इंगित करने वाले दो इशारे हैं।\"—ओशो\u003cbr\u003e\n\u003cbr\u003e\nमृत्यु से अमृत की ओर ले चलने वाली इस पुस्तक के कुछ विषय बिंदु:\u003cbr\u003e\n* मृत्यु और मृत्यु-पार के रहस्य\u003cbr\u003e\n* सजग मृत्यु के प्रयोग\u003cbr\u003e\n* निद्रा, स्वप्न, सम्मोहन व मूर्च्छा के पार — जागृति\u003cbr\u003e\n* सूक्ष्म शरीर, ध्यान व तंत्र-साधना के गुप्त आयाम\u003cbr\u003e\n\u003cbr\u003e\nअनुक्रम\u003cbr\u003e\n#1: ध्याआयोजित मृत्यु अर्थात न और समाधि के प्रायोगिक रहस्य\u003cbr\u003e\n#2: आध्यात्मिक विश्व आंदोलन—ताकि कुछ व्यक्ति प्रबुद्ध हो सकें\u003cbr\u003e\n#3: जीवन के मंदिर में द्वार है मृत्यु का\u003cbr\u003e\n#4: सजग मृत्यु और जाति-स्मरण के रहस्यों में प्रवेश\u003cbr\u003e\n#5: स्व है द्वार—सर्व का\u003cbr\u003e\n#6: निद्रा, स्वप्न, सम्मोहन और मूर्च्छा से जागृति की ओर\u003cbr\u003e\n#7: मूर्च्छा में मृत्यु है और जागृति में जीवन\u003cbr\u003e\n#8: विचार नहीं, वरन् मृत्यु के तथ्य का दर्शन\u003cbr\u003e\n#9: मैं मृत्यु सिखाता हूं\u003cbr\u003e\n#10: अंधकार से आलोक और मूर्च्छा से परम जागरण की ओर\u003cbr\u003e\n#11: संकल्पवान—हो जाता है आत्मवान\u003cbr\u003e\n#12: नाटकीय जीवन के प्रति साक्षी चेतना का जागरण\u003cbr\u003e\n#13: सूक्ष्म शरीर, ध्यान-साधना एवं तंत्र-साधना के कुछ गुप्त आयाम\u003cbr\u003e\n#14: धर्म की महायात्रा में स्वयं को दांव पर लगाने का साहस\u003cbr\u003e\n#15: संकल्प से साक्षी और साक्षी से आगे तथाता की परम उपलब्धि\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9788171824090\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.3 x 5.4 x 0.7 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Diamond Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49256872771888,"sku":"DRG.Diamond Books_9788171824090","price":295.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/diamond-books-book-default-title-mai-mrityu-sikhata-hoon-hindi-39312972513584.jpg?v=1775955000","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/mai-mrityu-sikhata-hoon-hindi","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}