{"product_id":"karbala-कर्बला","title":"Karbala\/कर्बला","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Premchand\/प्रेमचंद\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Penguin Swadesh\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 216\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 27-01-2025\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e कर्बला एक ऐतिहासिक-धार्मिक नाटक है जो 1924 में लिखा गया था। भारत के तेज होते स्वतंत्रता संग्राम में मुंशी प्रेमचंद भारतीय समाज में हिंदू और मुस्लिम वैमनस्य से बेहद चिंतित थे। धर्मिक सामंजस्य स्थापित करने के लिए उन्होंने कर्बला नाटक की रचना की।\u003cbr\u003e\nइस नाटक और घटना की मूल संवेदना यह है कि मुस्लिम धर्म में भी त्याग, समर्पण और शहादत की भावना को बताना था। इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद के नवासे हुसैन की शहादत का सजीव व रोमांचक विवरण लिए हुए यह एक ऐतिहासिक नाटक है। इस मार्मिक नाटक में यह दिखाया गया है कि उस काल के मुस्लिम शासकों ने किस प्रकार मानवता प्रेमी, असहायों व निर्बलों की सहायता करने वाले हुसैन को परेशान किया और अमानवीय यातनाएं दे देकर उसका कत्ल कर दिया।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9780143473565\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 7.8 x 5.0 x 0.8 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50123408703792,"sku":"Trans_9780143473565","price":150.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/81app9YF6tL.jpg?v=1757330734","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/karbala-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a4%be","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}