{"product_id":"jhumka-khone-ki-swarn-jayanti-vyang-sangrah-paperback-ramesh-joshi-paperback-ramesh-joshi","title":"Jhumka Khone Ki Swarn Jayanti ( Vyang Sangrah ) [Paperback] Ramesh Joshi [Paperback] Ramesh Joshi","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Ramesh Joshi\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e 1\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eFeatures:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\u003cul\u003e\u003cli\u003eStire, Satire by Ramesh Joshi, Political Satire\u003c\/li\u003e\u003c\/ul\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 159\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2018\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePart Number:\u003c\/b\u003e B07DCQ7PQT\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e हमने कहा– अखबार भी एक धंधा है। उसे लोकतंत्र या लोकहित से क्या लेना? जैसे व्यापारी को सामान बेचना है और दो पैसे कमाने हैं। अब इससे क्या फर्क पड़ता है कि माल क्या है? दारू देशी है या विदेशी, माल नकली है या असली। वैसे ही अखबार वाले को विज्ञापन से मतलब है फिर चाहे वह पाँच रुपए में गोरा बनाने का या एक सौ एक रुपए में 11 घंटे में सभी समस्याओं का समाधान बताने वाले तांत्रिक जी का चेलेंज...। तोताराम ने हमें बीच में रोक दिया, बोला– पहले बात पूरी होने दे। यह अखबार नहीं, खबर की बात हो रही है। ग्वाटेमाला में जनता ने पूर्ववर्ती भ्रष्ट नेताओं से दु:खी होकर एक 46 वर्षीय कॉमेडियन जिमी मोराले को राष्ट्रपति चुन लिया है। हमने कहा– इसमें क्या बुराई है? नेता का काम कोई नीति या व्यवस्था करना नहीं है। आजकल तो नेता ही क्या तथाकथित धर्मगुरुओं को भी अपना मजमा जमाने के लिए चुटकले सुनाने पड़ते हैं। मास्टरों से भी मिमिक्री की आशा की जाती है। वैसे ये कॉमेडियन इन नेताओं से तो अच्छे होते हैं जो कोई भी चुटकुला किसी को कष्ट पहुँचाने के लिए नहीं वरन मनोरंजन के लिए सुनाते हैं। नेता तो अपने भाषणों में चुटकुले भी अपने विपक्षी को आहत करने, लज्जित और बदनाम करने के लिए सुनाते हैं। जहाँ कोई प्रसंग न हो, देश या विदेश कहीं भी हों तो भी घुमाफिरा कर, शालीनता की सीमाएँ लाँघकर भी निंदा कर ही देंगे जो न हास्य होता है न व्यंग्य, होता है शुद्ध छिद्रान्वेषण। बोला– फिर भी विदूषक राष्ट्रपति क्या करेगा और दुनिया में क्या मेसेज जाएगा? हमने कहा– मेसेज क्या जाएगा? तू अपने नेताओं के शब्दों में क्या मेसेज देखता है? कुत्ता, शैतान, पिशाच में क्या मेसेज है? हमें तो घटिया मनोरंजन लगता है और वह भी दुर्भावनाग्रस्त। कम से कम ग्वाटेमाला वाला शुद्ध मनोरंजन तो देगा और वह भी बिना किसी शो का टिकट खऱीदे।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 0.5 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901233533232,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_B07DCQ7PQT","price":150.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/61N7cdO3F3L.jpg?v=1780572799","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/jhumka-khone-ki-swarn-jayanti-vyang-sangrah-paperback-ramesh-joshi-paperback-ramesh-joshi","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}