{"product_id":"iv-indian-social-system-hindi-1","title":"भारतीय सामाजिक व्यवस्था (समाजशास्त्र रीडर - IV) Indian Social System (Hindi)","description":"\u003ch1\u003eBook Details\u003c\/h1\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAuthor\u003c\/strong\u003e: नरेश भार्गव, वेददान सुधीर, अरुण चतुर्वेदी और संजय लोढ़ा (Naresh Bhargava, Veddan Sudhir, Arun Chaturvedi and Sanjay Lodha)\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePublisher\u003c\/strong\u003e: Rawat Publications\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eLanguage\u003c\/strong\u003e: Hindi\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eEdition\u003c\/strong\u003e: 2021\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eISBN\u003c\/strong\u003e: 9788131611760\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eCover\u003c\/strong\u003e: Hardcover\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eRelease Date\u003c\/strong\u003e: 12-08-2021\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003chr\u003e\n\u003ch3\u003eAbout the Book\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eभारतीय समाज निरंतर परिवर्तनशील है—समय, परिस्थिति और आवश्यकता के अनुसार उसका स्वरूप बदलता रहा है। सामाजिक परिवर्तन की यह अवधारणा इस विश्वास पर आधारित है कि कोई भी सामाजिक व्यवस्था स्थायी नहीं होती; वह अनेक कारकों से प्रभावित होकर नए रूप लेती रहती है। इस परिवर्तन के आयामों को समझने के लिए कई समाजशास्त्रियों और विचारकों ने आधुनिकता, संस्कृतीकरण, पश्चिमीकरण, लौकिकीकरण और धर्मनिरपेक्षता जैसी अवधारणाओं को प्रस्तुत किया है, जो जाति, वर्ग, परंपराओं, मान्यताओं और विश्वासों में हो रहे बदलावों की व्याख्या करती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस पुस्तक में भारतीय समाज के विविध पक्षों का व्यापक और विचारपूर्ण अध्ययन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें गैर-बराबरी, जाति, वर्ग, पिछड़े वर्ग, दलित, आदिवासी और अधीनस्थ समूहों की संरचनाओं को विश्लेषित किया गया है। आदिवासी समुदायों की विशिष्ट जीवनशैली और उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक चुनौतियों को भी गहराई से समझने की कोशिश की गई है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपुस्तक में शामिल 20 अध्यायों में प्रमुख समाजशास्त्रियों जैसे राम आहूजा, एन.के. सिंघी, योगेन्द्र सिंह, एम.एन. श्रीनिवास, दीपांकर गुप्ता, सुरिंदर एस. जोधका और अन्य विद्वानों के लेख शामिल हैं। ये लेख सामाजिक परिवर्तन, जनसंचार, सामाजिक स्तरीकरण, जातिगत राजनीति, आदिवासी संगठन और भारतीय समाज में उत्पन्न हो रही नई प्रवृत्तियों को समग्र दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह संकलन न केवल समाजशास्त्र के छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी है, बल्कि उन सभी पाठकों के लिए भी आवश्यक है जो भारतीय समाज के गहन और बदलते स्वरूप को समझने में रुचि रखते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003chr\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout the Editors\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eनरेश भार्गव\u003c\/strong\u003e मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में तीन दशकों तक समाजशास्त्र विभाग में कार्यरत रहे हैं। सामाजिक आंदोलन, नागर समाज और राजस्थान की सामाजिक व्यवस्था इनके शोध के प्रमुख क्षेत्र हैं।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eवेददान सुधीर\u003c\/strong\u003e विद्या भवन रूरल इंस्टिट्यूट, उदयपुर में पूर्व राजनीतिक विज्ञान प्राध्यापक रहे हैं और वर्तमान में अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के ‘अनुवाद पहल’ से जुड़े हैं।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eअरुण चतुर्वेदी\u003c\/strong\u003e राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक एवं पूर्व अधिष्ठाता रहे हैं, जिनका शोध भारतीय विदेश नीति और राजनीतिक चिंतन पर केंद्रित रहा है।\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eसंजय लोढ़ा\u003c\/strong\u003e लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण और राजस्थान की राजनीति पर केंद्रित लेखक हैं तथा लोकनीति नेटवर्क से लंबे समय से जुड़े हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Rawat Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50002437341488,"sku":"DRG.RawatPublications_9788131611760","price":842.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/41RSyCkXBGL.jpg?v=1756464370","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/iv-indian-social-system-hindi-1","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}