{"product_id":"introducing-sociology-2","title":"समाजशास्त्र परिचय (Introducing Sociology)","description":"\u003ch2\u003eBook Details\u003c\/h2\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAuthor\u003c\/strong\u003e: B.K. Nagla \u0026amp; Shiv Bahal Singh\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePublisher\u003c\/strong\u003e: Rawat Publications\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eLanguage\u003c\/strong\u003e: Hindi\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eEdition\u003c\/strong\u003e: 2023\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eISBN\u003c\/strong\u003e: 9788131612927\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003ePages\u003c\/strong\u003e: 2023\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eCover\u003c\/strong\u003e: Hardcover\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eRelease Date\u003c\/strong\u003e: 01-01-2023\u003c\/p\u003e\n\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003chr\u003e\n\u003ch3\u003eAbout the Book\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003eसमाजशास्त्र सामाजिक विज्ञानों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है जो मानव जीवन के सभी पहलुओं को विश्लेषण की दृष्टि से देखता है। यह पुस्तक समाज, समूह, संस्थानों और सामाजिक संबंधों की गहराई से पड़ताल करती है, जिससे पाठक मानव व्यवहार को एक वैज्ञानिक, व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से समझने में सक्षम होता है। सामाजिक संबंधों के विकास, निरंतरता और परिवर्तन को समझने के लिए यह पुस्तक एक सुदृढ़ और ज्ञानवर्धक आधार प्रदान करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह व्यवस्थित और व्यापक पाठ्यपुस्तक समाजशास्त्र के छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, चाहे वे स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर अध्ययन कर रहे हों। इसके अतिरिक्त, कानून, चिकित्सा, नर्सिंग, इंजीनियरिंग, शिक्षा, प्रबंधन, पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, और अन्य कई व्यावसायिक क्षेत्रों में अध्ययनरत छात्रों के लिए भी यह पुस्तक अत्यंत लाभकारी है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपुस्तक में समाजशास्त्र की उत्पत्ति, संस्कृति, सामाजिक नियंत्रण, विवाह, परिवार, धार्मिक और राजनीतिक संस्थाएं, शिक्षा, समाजीकरण, अनुसंधान की विधियां और आंकड़े एकत्रीकरण की तकनीकों सहित कुल 16 अध्यायों को समाहित किया गया है। यह पुस्तक न केवल पाठ्यक्रम की दृष्टि से पूर्ण है, बल्कि छात्रों की सामाजिक समझ को भी एक सुदृढ़ आधार प्रदान करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003ch3\u003eAbout the Author \/ Editor\u003c\/h3\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eबी.के. नागला\u003c\/strong\u003e, महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक में समाजशास्त्र के प्रोफेसर रह चुके हैं। आपने एम.एस. विश्वविद्यालय, बड़ौदा एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फॉरेंसिक साइंस, नई दिल्ली में अध्यापन किया है। सेवानिवृत्ति के बाद आपने कोटा खुला विश्वविद्यालय एवं बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में भी अध्यापन किया। आपके लेख अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। समाजशास्त्र और अपराधशास्त्र के क्षेत्र में आपके योगदान के लिए आपको कई सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें राजस्थान समाजशास्त्र परिषद् द्वारा दिया गया जीवन उपलब्धि सम्मान प्रमुख है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eशिव बहाल सिंह\u003c\/strong\u003e ने अपना शैक्षणिक जीवन टी.डी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर से शुरू किया। भारतीय सामाजिक अनुसंधान परिषद की फेलोशिप प्राप्त कर पीएच.डी. उपाधि प्राप्त की और गोरखपुर विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग में प्रोफेसर एवं अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। आपने शिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सराहनीय योगदान दिया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rawat Publications","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49994585899312,"sku":"DRG.RawatPublications_9788131612927","price":582.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/41CTc4uTHmL.jpg?v=1756464961","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/introducing-sociology-2","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}