{"product_id":"dwikhandit-1","title":"Dwikhandit","description":"\u003cp data-start=\"57\" data-end=\"190\"\u003e\u003cstrong data-start=\"57\" data-end=\"68\"\u003eAuthor:\u003c\/strong\u003e Taslima Nasrin\u003cbr data-start=\"83\" data-end=\"86\"\u003e\u003cstrong data-start=\"86\" data-end=\"100\"\u003ePublisher:\u003c\/strong\u003e Vani Prakashan\u003cbr data-start=\"139\" data-end=\"142\"\u003e\u003cstrong data-start=\"142\" data-end=\"151\" data-is-only-node=\"\"\u003eISBN:\u003c\/strong\u003e 9788181431634\u003cbr data-start=\"165\" data-end=\"168\"\u003e\u003cstrong data-start=\"168\" data-end=\"178\"\u003eCover:\u003c\/strong\u003e Hardcover\u003c\/p\u003e\n\u003cp data-start=\"192\" data-end=\"819\"\u003e\u003cstrong data-start=\"192\" data-end=\"211\"\u003eAbout the Book:\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस्लाम धर्म में महिलाओं के शोषण और दमन की बात कहनी चाही है। इसकी जरूरत भी थी। पाश्चात्य देशों में ऐसे बहुत भाषण वीर हैं। जो अब तक यही करते आये है कि मुस्लिम देशों में औरतों का शोषण होता ही नहीं- अगर होता भी हो तो उसमें धर्म का हाथ नहीं होता। उनकी बात मान लेने पर यकीन करना होगा कि औरतों के यौन शोषण से इस्लाम का कोई सम्पर्क नहीं है। किताबों में शायद ऐसा ही होगा, लेकिन इसमें मुल्लाओं का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा हर घर में औरतों के दमन के असंख्य उदाहरण मिलेंगे। कई देशों में कानून भी स्त्री-पुरुषों के बीच बराबरी का व्यवहार नहीं करता। वहीं किसी पुरुष की गवाही औरत की गवाही से ज्यादा विश्वसनीय समझी जाती है। मुस्लिम देशों में नौकरियों में भी औरतों को कई प्रकार के शोषण का शिकार होना पड़ता है। इससे ज्यादा क्या कहूँ।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहिन्दू धार्मिक कट्टरपन्थियों द्वारा अयोध्या में एक मस्जिद गिराये जाने पर हिन्दुओं पर (बांग्लादेश में जो अत्याचार हुआ था, आपने उसका विरोध किया था। इसीलिए आपके उपन्यास 'लज्जा' को कट्टरपन्थियों ने अपना निशाना बनाया और आपका जीवन भी खतरे में पड़ गया। कोई भी समझदार व्यक्ति स्वीकार करेगा कि. असहाय अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर ऐसा धर्मान्ध आक्रमण निन्दनीयः है उतना ही निन्दनीय अल्पसंख्यक मुसलमानों पर हिन्दुओं का अत्याचार था। समानता के नजरिये को धार्मिक कट्टरपन्थी अपना निशाना बनाते हैं। आपका समर्थन करते हुए हम सभी लोग इस समानता के नजरिये का भी समर्थन कर रहे हैं। 'कुरान' में संशोधन करने की जरूरत है। यह कहने कि लिए आपको दोषी ठहराया गया है (जबकि आपने सिर्फ शरीयत को बदलने की ही बात की है।) शायद आपकी नजर पड़ी होगी, पिछले सप्ताह तुर्की में सरकार ने शरीयत बदलने का निश्चय किया है इसीलिए कहता हूँ, यह माँग आपकी अकेले की नहीं है। एक और बात कहने की जरूरत है-स्त्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अगर सम्पूर्ण कुरान बदलने की माँग आप करतीं, और आपकी इस बात का विरोध अगर हर मुसलमान करता, तब भी यह मांग विधिसम्मत होती, न्याय की मांग होती। यह मानना पड़ेगा कि आपकी इस माँग के लिए जो समाज आपको जेल में बन्द करना चाहता है, वह समाज भी अभी तक स्वतन्त्र नहीं हो पाया है। धार्मिक कट्टरपन्थी हर बात का कुरान के दायरे में समाधान चाहते हैं। इसके अलावा वे अन्धविश्वासी भी हैं। सीधी बात है, अगर कोई कहता है कि ईश्वर या ख़ुदा है' तो दूसरा भी यह बात कह सकता है कि 'ईश्वर या ख़ुदा नहीं है। अगर कोई यह कहे कि 'मैं इस पुस्तक से घृणा करता है, तो कोई यह भी कह सकता है कि 'मैं इस पुस्तक की बहुत पसन्द करता हूँ। किसी को एक ही सत्य में विश्वास करने के लिए विवश करने से उलझनें बढ़ती हैं। उस सत्य तक पहुंचने के एकमात्र मार्ग पर यकीन करना उलझनों को जन्म देता है। जो लोग इस एक ही मार्ग की बात स्वीकार नहीं कर पाते, उनकी हत्या करना इस चरमतम उलझन भरी मानसिकता की ही देन है।\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50050420146480,"sku":"DRG.VaniPrakashan_9788181431634","price":716.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/image_15_06ba45ad-1f76-4a39-aeb4-e721d61e5f10.jpg?v=1756391409","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/dwikhandit-1","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}