{"product_id":"brihat-parasara-hora-sastra","title":"Brihat Parasara Hora Sastra","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Sita Ram Jha\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e hardcover\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2000\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003ePart Number:\u003c\/b\u003e 375885511X\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eबृहत्पाराशरहोराशास्त्रम\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआचार्य पंडित सीताराम झा द्वारा सम्पादित बृहत्पाराशरहोराशास्त्र ज्योतिष -प्रेमी पाठको के लिए इतना अधिक उपयोगी सिद्ध हुआ कि बहुत कम समय में ही इसके तीन संस्करण समाप्त हो गये I और फिर भी पाठक वर्ग की निरन्तर माँग बानी रही I यह है ग्रन्थ की विशेषता एवं पाठक वर्ग के लिए सर्वाधिक उपयोगी सिद्ध होने का सर्वोच्च प्रमाण I\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअनेक विघ्न - बाधाओ के कारण चतुर्थ संस्करण के प्रकाशन में अत्यधिक विलम्ब हुआ, जिसके लिए पाठको को विशेष प्रतीक्षा करनी पड़ी I आवश्यक संशोधन -सम्पादन एवं उत्तर खंड के साथ सम्पूर्ण बृहत्पाराशरहोराशास्त्र का यह अभिनव संस्करण पाठक वर्ग के लिए विशेष उपयोगी सिद्ध होगा, ऐसी आशा है I हमें हार्दिक दुःख है कि, प्रस्तुत पुस्तक के ख्यातिप्राप्त प्रकाशक श्री अर्जुन सिंह जी (भोलानाथ जी, पौत्र - मास्टर खेलाड़ीलाल ) अनेकानेक कठिनाइयों के कारण अपने जीवन काल में प्रस्तुत संस्करण का प्रकाशन नहीं देख और बीच में ही कालकवलित हो गये I आशा है, इस सर्वाग सुन्दर प्रकाशन से उनकी स्वर्गस्थ आत्मा को विशेष शांति मिलेगी I\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउनके परमोत्साही चि. पुत्र श्री दुर्गा प्रसाद जी (संचालक - मास्टर खेलाड़ीलाल संकटा प्रसाद, संस्कृत पुस्तकालय, कचोड़ीगली -वाराणसी ) विशेष धन्यवाद के पात्र है, जिन्होंने अपने पिताश्री के स्मृति स्वरूप सर्वांग सुन्दर प्रस्तुत संस्करण को प्रकाशित कर अनेक ज्योतिष प्रेमी पाठको का महान उपकार किया है I\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eआशा है , पूर्व संस्करणों की भाँति प्रस्तुत संस्करण का भी ज्योतिष - प्रेमी पाठको द्वारा समुचित समादर होगा I\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9783758855115\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Master Kheladilal Sankata Parsad","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49122121744688,"sku":"DRG.MASTER KHELADI LAL SANKATA PRASAD_9783758855115","price":340.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/image_8ba3243d-08e8-447e-b413-415b45a57ba2.jpg?v=1773988552","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/brihat-parasara-hora-sastra","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}