{"product_id":"behen-ji","title":"Behen Ji","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Ajay Bose\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Vani Prakashan\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eFeatures:\u003c\/b\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eVani Prakashan\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e Hardcover\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-01-2008\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9788181438997\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.1 x 6.6 x 1.1 inches\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमायावती की जीवन-कथा में कई आयाम हैं। यह एक साधारण-सी दलित स्त्री की निजी ज़िन्दगी की अद्भुत दास्तान है। एक ऐसी स्त्री जिसे भारत के चोटी के सशक्त राजनेताओं के बीच अपनी जगह बनाने की महत्वाकांक्षा ने लगातार प्रेरित किया। सत्ता की दौड़ में राजनीति के मैदान के खिलाड़ी-राजनेता परम्परा से जो खेल खेलते चले आ रहे थे, मायावती ने उसे वस्तुतः नया रूप दिया। राजनीति और विचारधारा की दृष्टि से उनके मन में बराबर जो दुविधा बनी रहती थी, अगर कुल-मिला कर उसके इतने शानदार नतीजे न निकले होते तो उनकी स्थिति हास्यास्पद हो जाती। सबसे महत्वपूर्ण  बात यह है कि मायावती का उदय उस व्यापक सामाजिक उथल-पुथल को प्रतिबिम्बित करता है जिसने भारतीय समाज में सदियों से चली आती रुढ़िवादी जाति-व्यवस्था का सफाया कर दिया। यही कारण है कि अपने समय के नरेन्द्र मोदी, जयललिता और ममता बैनर्जी जैसे तपे हुए राजनेताओं की तुलना में मायावती का अध्ययन ज़्यादा प्रासंगिक मालूम होता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eउत्तर प्रदेश में जब तीसरी बार मायावती शासन ध्वस्त हुआ, उसके कुछ ही समय बाद मैंने अपनी इस पुस्तक के लिए सामग्री जुटानी शुरू की थी। राजनीति, नौकरशाही और मीडिया में मेरे कई मित्रों को लगा कि ऐसा करके में अपना समय बर्बाद करूंगा। कुछ लोगों को यकीन था कि ताज कॉरिडार विवाद में हारी हुई मुख्यमन्त्री के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की जो व्यूह रचना की गयी है, वह उनके राजनीतिक जीवन का अन्त कर देगी। कुछ और लोगों का कहना था कि 2003 में कांशीराम को जिस आघात ने कमज़ोर कर दिया था, उसके बाद बसपा तेज़ी से नीचे लुढ़क रही थी और कुछ ही समय में उनकी आश्रिता का महत्व भी ख़त्म होने वाला था। इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी थे जो इस बात से विस्मित थे कि मैंने 'ऐसी असभ्य, भ्रष्ट और पूरी तरह बेईमान' नेता की जीवनी लिख कर उसे सम्मान देने के लिए चुना है। कुछ ही समय पहले तक ऐसी बातें करने वाले लोगों का एक बड़ा वर्ग इस दलित तेजस्वी नेता के बारे में इस राय से सहमत था।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50055400489264,"sku":"DRG.VaniPrakashan_9788181438997","price":316.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/21hVObSPEYL.jpg?v=1756301947","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/behen-ji","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}