{"product_id":"adivasiyat-aur-stree-chetna-ki-kahaniyan-by-hardcover-ramesh-chand-meena","title":"Adivasiyat Aur Stree Chetna Ki Kahaniyan | ????????? ?? ?????? ????? ?? ???????? by ???? ??? ???? [Hardcover] Ramesh Chand Meena","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Ramesh Chand Meena\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e 1\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eFeatures:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\u003cul\u003e\u003cli\u003eAadavasi Literature, Aadivasi Stories, Aadivasi women Discourse\u003c\/li\u003e\u003c\/ul\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e hardcover\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 151\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2018\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e इण्टरनेटी दौर में वैसे किसी तरह का रहस्य बचा नहीं रह सका है फिर भी स्त्री उसके लिए क्यों कर रहस्य बनी हुई है? उसे कहाँ देह से परे समझा जा रहा है। विज्ञापनों में देह के सिवाय क्या है? सड़क से गुजरती युवतियाँ अपने-आपको असुरक्षित समझकर ही तो नकाब पहन रही हैं, सिर मुँह को बाँधकर निकल रही हैं। पर्दा-प्रथा खत्म हो रहा है तब मुँह ढाँकने की कहाँ जरूरत है? क्योंकि हम देह से परे नहीं जा पा रहे हैं, तभी तो आये दिन छेड़छाड़, रेप और बलात्कार की घटनाएँ बढ़ रही हैं। आदिवासी दलित और औरत सहज सुलभ समझी जाती है या बलात उठा ली जाती है। इसी बात को-'बिल्लो और भूराÓ, 'कुत्तागिरीÓ में उठाया गया है। कुत्ते पर दो कहानियाँ एक ही संग्रह में होना मायने रखता है। यहाँ पशु भी आदमी से बढ़कर हैं। एक दिमागधारी दिमाग के बोझ में पशु से भी नीचे चला जा रहा है। कुत्ता का एक नहीं दो-दो बार पात्र बनना स्थिति की भयावहता को समझने के लिए है। कुत्ते के माध्यम से इतना समझा जा सकता है कि वह भी कई मायनों में मनुष्य से ऊपर ठहरता है। कहानी हमें सबक देती है कि कुत्ता प्रजाति मनुष्य-जाति के सामने ज्वलन्त सवाल खड़े कर रही है। इस विषय पर सोचने की जरूरत है। अगर हम अपने आस-पास के वातावरण को गहराई से देखें तो जानवर हमें कई तरह से पाठ पढ़ाते नजर आ सकते हैं। कुछ चीजें हमें पशुओं से भी समझनी होंगी।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 0.7 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901194899760,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_B07DCRD6Q8","price":224.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/91Js6aLHRQL.jpg?v=1780568347","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/adivasiyat-aur-stree-chetna-ki-kahaniyan-by-hardcover-ramesh-chand-meena","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}