{"product_id":"aadhi-raat-ka-kissago-paperback-shekhar-mallik","title":"Aadhi Raat ka Kissago [Paperback] Shekhar Mallik","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Shekhar Mallik\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya Boks\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e Ist\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 170\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2022\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e शेखर मल्लिक समकालीन कथा साहित्य में अपनी कहानियों और वामपंथी तेवर के कारण अलग से पहचाने जाते हैं। – अखिलेश (संपादक, तद्भव, अंक 39) कहानी ‘आधी रात का किस्सागो’ वाकई आज के दौर की कहानियों में खास है। कहानी प्रथमतः तो एक अनोखा प्रयास है, अपने ढांचे और कहानी सुनाने के ढंग में, तरीक़े में। पाठक स्वयं किस्सागो की डाँट-डपट सुनते हुए मूल कहानी तक पहुँचता है। मूल कहानी में इतने सारे बिम्ब और किरदारों की ऐसी सुन्दर शिल्पकारी है, कि इसपर कुछ भी संक्षिप्त रूप में कह पाना बहुत कठिन है। इस काल्पनिक दौर की काल्पनिक कहानी का अन्त जहाँ होता है, वहीं से हमारी उदासीन हकीकत शुरू होती है। कथा के अन्त में जनवादी प्रतीकों पर हमले से दमित मुख्य पात्र की जैसी प्रतिक्रिया होती है, वह उस ही की हो सकती है, जो दमित होते-होते– एक भ्रष्‍ट व्यवस्था, गरीबी की मार, सामाजिक भेदभाव से लड़ते-लड़ते– दमन से अभ्यस्त होने की पूरी प्रक्रिया से गुज़र कर निर्भीक हो गया है। – सत्यम (इसी संग्रह की भूमिका में)\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789393580290\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.5 x 6.3 x 0.5 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya Boks","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901245854000,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_9393580294","price":208.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/41rCQKZKo_L.jpg?v=1780573788","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/aadhi-raat-ka-kissago-paperback-shekhar-mallik","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}