{"product_id":"अंगोर-angor-poetry-in-diglot","title":"अंगोर \/ Angor (Poetry in Diglot)","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Jacinta Kerketta\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e 2nd\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 160\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2021\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e जसिन्ता केरकेट्टा—जन्म 1983 - झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम ज़िले में सारंडा जंगल से सटे झारखंड व ओड़िसा की सीमा पर स्थित मनोहरपुर प्रखंड के खुदपोस गाँव में। काव्य-संग्रह–2016 में पहला काव्य-संग्रह “अंगोर” का हिन्दी-जर्मन संस्करण “Glut”, जर्मनी से प्रकाशित। 2018 में पहला काव्य-संग्रह “अंगोर” का हिन्दी-इतालवी “Brace” इटली से प्रकाशित। 2020 में पहला काव्य-संग्रह ‘अंगोर’ हिंदी-फ्रैंच में ‘ANGOR’ नाम से फ्रांस से प्रकाशित। 2018 में दूसरा काव्य-संग्रह ‘जड़ों की ज़मीन’ हिंदी-अंग्रेजी में भारतीय ज्ञानपीठ नयी दिल्ली से प्रकाशित। हिंदी-जर्मन में ‘Tiefe Wurzeln’ नाम से द्रौपदी वेरलाग, जर्मनी से प्रकाशित । रचनाएँ–बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग से प्रकाशित पत्रिका “परिचय” सहित देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में अनेक कविताएँ प्रकाशित जिनमें दिल्ली से प्रकाशित पत्रिका “नया ज्ञानोदय”, “युद्धरत आम आदमी”, “शुक्रवार” शामिल हैं। विभिन्न कवियों के कविता-संग्रहों में भी इनकी कविताएँ शामिल, इनमें “शतदल”, “रेतपथ, समंदर में सूरज”, “क़लम को तीर बनने दो”, “माटी” आदि स्मरणीय हैं।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789390973804\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 0.4 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e English, Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901233140016,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_9390973805","price":184.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/41dSeLAueuL_99903221-cb88-468e-9964-b6711a7bf28b.jpg?v=1780572756","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/products\/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0-angor-poetry-in-diglot","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}