👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • From India to the World — Discover Our Global Stores

Makers of Modern Dalit History (Hindi)/Adhunik Dalit Itihas Ke Nirmata/आधुनिक दलित इतिहास के निर्माता: Nyay Aur Samrasta Ke Agradoot/न्याय और समरसता के अग्रदूत

Sale price Rs.225.00 Regular price Rs.299.00
Tax included


Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Author: Ramabadran Guru Prakash Paswan/सुदर्शन रामभद्रन गुरु प्रकाश पासवान, Sudershan

Brand: Hind Pocket Books

Binding: Paperback

Number Of Pages: 232

Release Date: 15-05-2023

Details: उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में केरल में एक व्यक्ति बड़ी शान से सड़क पर एक बैल गाड़ी से जा रहा था। जो कृत्य एक सामान्य सी बात थी, वह उस समय प्रतिरोध का एक बड़ा कृत्य था। घुड़ सवारी करना या बैलगाड़ी पर बैठने का अधिकार उस समय सिर्फ ऊँची जातियों के लोगों के पास था। लेकिन अछूत कही जाने वाली पुलया जाति का वह व्यक्ति जाति आधारित भेदभावों को चुनौती दे रहा था। वह कोई और नहीं बल्कि समाज सुधारक और आन्दोलनकारी अय्यनकाली थे।
इस पुस्तक में ऐसे ही प्रेरक व्यक्तित्वों के विवरण हैं जिन्होंने जीवन भर भेदभाव के खिलाफ अथक लड़ाई लड़ी। यह पुस्तक दलित समुदाय के प्रति आधुनिक भारत की उसी समझ को विस्तृत करने के प्रयास के तहत लिखी गई है।
भीमराव आम्बेडकर, बाबू जगजीवन राम, गुरराम जेशुवा, केआर नारायणन, सोयराबाई, रानी झलकारीबाई और उन जैसे कई अन्य ऐतिहासिक और समकालीन व्यक्तित्वों के ऊपर मौलिक शोध पर आधिरत आधुनिक दलित इतिहास के निर्माता दलित विमर्श में एक महत्वपूर्ण योगदान है। अतीत और वर्तमान के कुछ अग्रणी दलित चिंतकों के ऊपर लिखी गई यह लकीर खींचने वाली किताब दलित पहचान, इतिहास और राजनीति पर ज़रूरी बहस को शुरू करने का लक्ष्य रखती है।

EAN: 9780143460343

Package Dimensions: 7.7 x 5.1 x 0.7 inches

Languages: Hindi