👨‍💼 CUSTOMER CARE NO +919667374353

⭐ TOP RATED SELLER ON AMAZON, FLIPKART, EBAY & WALMART

🏆 TRUSTED FOR 10+ YEARS

  • From India to the World — Discover Our Global Stores

🚚 Extra 10% + Free Shipping? Yes, Please!

Shop above ₹5000 and save 10% instantly—on us!

THANKYOU10

Jhumka Khone Ki Swarn Jayanti ( Vyang Sangrah ) [Paperback] Ramesh Joshi [Paperback] Ramesh Joshi

Sale price Rs.150.00 Regular price Rs.200.00
Tax included


Genuine Products Guarantee

We guarantee 100% genuine products, and if proven otherwise, we will compensate you with 10 times the product's cost.

Delivery and Shipping

Products are generally ready for dispatch within 1 day and typically reach you in 3 to 5 days.

Author: Ramesh Joshi

Brand: Anuugya Books

Edition: 1

Features:

  • Stire, Satire by Ramesh Joshi, Political Satire

Binding: paperback

Number Of Pages: 159

Release Date: 01-12-2018

Part Number: B07DCQ7PQT

Details: हमने कहा– अखबार भी एक धंधा है। उसे लोकतंत्र या लोकहित से क्या लेना? जैसे व्यापारी को सामान बेचना है और दो पैसे कमाने हैं। अब इससे क्या फर्क पड़ता है कि माल क्या है? दारू देशी है या विदेशी, माल नकली है या असली। वैसे ही अखबार वाले को विज्ञापन से मतलब है फिर चाहे वह पाँच रुपए में गोरा बनाने का या एक सौ एक रुपए में 11 घंटे में सभी समस्याओं का समाधान बताने वाले तांत्रिक जी का चेलेंज...। तोताराम ने हमें बीच में रोक दिया, बोला– पहले बात पूरी होने दे। यह अखबार नहीं, खबर की बात हो रही है। ग्वाटेमाला में जनता ने पूर्ववर्ती भ्रष्ट नेताओं से दु:खी होकर एक 46 वर्षीय कॉमेडियन जिमी मोराले को राष्ट्रपति चुन लिया है। हमने कहा– इसमें क्या बुराई है? नेता का काम कोई नीति या व्यवस्था करना नहीं है। आजकल तो नेता ही क्या तथाकथित धर्मगुरुओं को भी अपना मजमा जमाने के लिए चुटकले सुनाने पड़ते हैं। मास्टरों से भी मिमिक्री की आशा की जाती है। वैसे ये कॉमेडियन इन नेताओं से तो अच्छे होते हैं जो कोई भी चुटकुला किसी को कष्ट पहुँचाने के लिए नहीं वरन मनोरंजन के लिए सुनाते हैं। नेता तो अपने भाषणों में चुटकुले भी अपने विपक्षी को आहत करने, लज्जित और बदनाम करने के लिए सुनाते हैं। जहाँ कोई प्रसंग न हो, देश या विदेश कहीं भी हों तो भी घुमाफिरा कर, शालीनता की सीमाएँ लाँघकर भी निंदा कर ही देंगे जो न हास्य होता है न व्यंग्य, होता है शुद्ध छिद्रान्वेषण। बोला– फिर भी विदूषक राष्ट्रपति क्या करेगा और दुनिया में क्या मेसेज जाएगा? हमने कहा– मेसेज क्या जाएगा? तू अपने नेताओं के शब्दों में क्या मेसेज देखता है? कुत्ता, शैतान, पिशाच में क्या मेसेज है? हमें तो घटिया मनोरंजन लगता है और वह भी दुर्भावनाग्रस्त। कम से कम ग्वाटेमाला वाला शुद्ध मनोरंजन तो देगा और वह भी बिना किसी शो का टिकट खऱीदे।

Package Dimensions: 9.0 x 6.0 x 0.5 inches

Languages: Hindi