{"product_id":"vishwa-ki-shreshtha-kahaniya","title":"Vishwa Ki Shreshtha Kahaniya","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Ed. Abhay Kumar\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Rajkamal Prakashan\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 272\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-08-2019\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e विश्व साहित्य का अध्ययन हमें न सिर्फ जीवन के एक व्यापक फलक से परिचित कराता है बल्कि उसके माध्यम से हम संसार के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों के रहन-सहन, उनकी नैतिक मान्यताओं, वर्जनाओं, दुखों और प्रसन्नताओं से भी अवगत होते हैं। और यह सिर्फ जानकारी बढ़ाने का मसला नहीं है, इससे हम अपने अंतस्तल को विस्तृत करते हैं, विविधताओं को खुले मन से स्वीकार करने की स्थिति में आते हैं, और दुनिया को देखने का एक उदार नजरिया विकसित करते हैं। कहानी दुनिया की सबसे प्राचीन विधाओं में है। उसकी सम्प्रेषण शक्ति को भी विशेष रूप से पहचाना गया है। संसार की सभी भाषाओं के पास अपने कुछ महान कथाकार हैं जो अपने जीवनकाल और उसके बाद भी लोगों के हमसफर रहे हैं। इस संकलन में 14 देशों के कुल 43 कहानीकारों की कहानियाँ संकलित हैं जो अपने समय, समाज और रचना कौशल की प्रतिनिधि रचनाएँ मानी गई हैं। आशा है, पाठकों को यह प्रस्तुति रुचिकर और संग्रहणीय लगेगी।.\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9788126715145\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.4 x 5.9 x 0.7 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi, English\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66908196208944,"sku":"DRG.UnboundDistribution_9788126715145","price":225.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/813UZfgyDJL.jpg?v=1780769451","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/vishwa-ki-shreshtha-kahaniya","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}