{"product_id":"shubhda-शुभदा","title":"Shubhda\/शुभदा","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Sharatchandra\/शरतचन्द्र\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Penguin Swadesh\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 202\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 22-01-2024\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e वह आकर बोला, अपने संदूक की चाभी दे।’ गला बड़ा मोटा था - भारी। अचानक, सुनते ही ख़्याल होता था, मानो कोशिश करके वह ऐसा भारी गले से बोल रहा था। शुभदा कुछ नहीं बोली।\u003cbr\u003e\nउसने फिर वैसे ही स्वर में, लाठी को फिर एक बार ज़मीन पर पटककर कहा, ‘चाभी दे, नहीं तो गला दबाकर मार डालूँगा।’\u003cbr\u003e\nअब शुभदा उठ बैठी । तकिए के नीचे से चाभियों का गुच्छा निकालकर पास ही फें ककर धीरे-धीरे शांत भाव से बोली, मेरे बड़े सन्दूक के दाहिनी ओर के खाने में पचास रुपए का नोट हैकृवही लेना। बाईं ओर विश्वनाथ बाबा का प्रसाद है, उसपर कहीं हाथ न डालना।’ जिस तरह शांत भाव से उसने यह सब कह डाला, उससे यह नहीं मालूम होता था कि उसे अब रत्तीभर भी डर लग रहा है। शुभदा एक ऐसी नारी की मार्मिक कथा है जो गरीबी की यातनाएंॅ भोगते हुए अपने नशेड़ी पति के प्रति समर्पिता ही नहीं, बल्कि स्वाभिमानिनी भी है - शुभदा और उसकी विधवा बेटी के माध्यम से शरत् बाबू ने नारी वेदना की गहन अभिव्यक्ति की है। संभवतया इसी कारण उन्हें ‘नारी वेदना का पुरोहित’ कहा जाता है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9780143465447\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 7.6 x 5.1 x 1.0 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50123261378864,"sku":"Trans_9780143465447","price":169.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/71Om2Chu0BL.jpg?v=1757331095","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/shubhda-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%a6%e0%a4%be","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}