{"product_id":"shreshth-baal-kahaniyan","title":"Shreshth Baal Kahaniyan","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Balshori Reddy\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Rajkamal Prakashan\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 519\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-01-2018\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e आज विश्व में १५ वर्ष की आयु के भीतर के बच्चे २०० करोड़ हैं। विश्व की आबादी में इनकी संख्या एक तिहाई है । जलवायु, वेषभूषा, रीति-रिवाज, रहन-सहन, खान-पान की दृष्टि से भले ही उनमें भिन्नता दर्शित होती हो, किन्तु उनके विचार और सोच एक समान है । बच्चे स्वभावत: परस्पर धर्म, जाति, वर्ण, वर्ग, सम्प्रदाय को लेकर भेदभाव नहीं रखते। उनका दिल स्वच्छ, कागज की भांति निर्मल होता है । उनमें हम जैसे संस्कार डालते हैं, उन्हीं के अनुरूप उनका चरित्र बनता है। उनके शारीरिक विकास के लिए जैसे बलवर्धक आहार की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार उनके बौद्धिक विकास के लिए उत्तम साहित्य की नितांत आवश्यकता है । बच्चों में कहानी सुनने की प्रवृत्ति जन्मजात है । आयु की वृद्धि के साथ उनमें कहानी पढ़ने की रुचि और प्रवृत्ति भी बढ़ती जाती है । अत: उनकी रुचि के पोषण एवं परिष्कार के लिए स्वस्थ साहित्य एक सबल माध्यम बन सकता है। भारतीय भाषाओं में सर्वप्रथम संस्कृत में बाल साहित्य का प्रादुर्भाव हुआ। पंचतंत्र, हितोपदेश इत्यादि विश्व के अमर साहित्य में अपना अनुपम स्थान रखते हैं। कालांतर में देश की अन्य भाषाओं में बाल साहित्य का सृजन हुआ। आज भारत की प्राय: समस्त भाषाओं में उत्तम बाल साहित्य का सृजन एवं प्रकाशन हो रहा है । प्रस्तुत पुस्तक में १२ भारतीय भाषाओं की १३१ बाल कहानियों का चयन किया गया है। सम्भवत: भारतीय भाषाओं में इस प्रकार का प्रयास यही प्रथम है । बच्चों के मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन में ये कहानियाँ सफल होगीं तो हम अपने इस प्रयास को सार्थक मानेंगे\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789386863713\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.3 x 5.5 x 1.1 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66908150661424,"sku":"DRG.UnboundDistribution_9789386863713","price":275.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/812g6UEyHsL.jpg?v=1780767816","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/shreshth-baal-kahaniyan","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}