{"product_id":"sabhyon-ke-beech-adivasi-by-mahadev-toppo-paperback-mahadev-toppo","title":"Sabhyon Ke Beech Adivasi by Mahadev Toppo [Paperback] Mahadev Toppo","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Mahadev Toppo\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e 1\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eFeatures:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\u003cul\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cbr\u003eLanguage Published: Hindi\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003e\n\u003cbr\u003eAadivasi, aadivasi literature, aadivasi culture, mahadev toppo\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 248\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2018\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePart Number:\u003c\/b\u003e B07DCQFMYD\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e हिन्दी बौद्धिक जगत में पिछले कुछ वर्षों से आदिवासी दुनिया को समझने की गंभीर कोशिश हो रही है। निश्चय ही इसे चर्चा में लाने का श्रेय– दिनमान एवं धर्मयुग जैसी लोकप्रिय पत्रिकाओं द्वारा आदिवासियों की समस्याओं और मुद्दों से संबंधित विशेषांकों के प्रकाशन से होती है, जब इन पत्रिकाओं ने आदिवासी विशेषांक प्रकाशित किये। इस परम्परा को आगे चलकर साप्ताहिक हिन्दुस्तान, रविवार, दैनिक जनसत्ता एवं प्रभात खबर जैसे अखबारों के अलावा अनेक पत्र-पत्रिकाओं ने जारी रखा। आदिवासियों की समस्याओं पर ब्रह्मदत्त शर्मा, श्यामाचरण दुबे, रामशरण जोशी, महाश्वेता देवी, फैसल अनुराग, हरिवंश, अनुज सिन्हा, उत्तम सेनगुप्ता, सुरेन्द्र किशोर, हेमन्त, मणिमाला से लेकर और कई छोटे, बड़े पत्रकारों ने सहानुभूतिपूर्वक लिखा। लेकिन, जब आदिवासियों ने लिखा, तो अपने बारे क्या लिखा? यह जानना एक नई दुनिया में प्रवेश करने जैसा अनुभव दे सकता है। 'सभ्यों के बीच आदिवासीÓ लेख-संग्रह के लेखक स्वयं को विद्वान, लेखक, पत्रकार नहीं मानते, न ही शिक्षित-व्यक्ति। वे मानते हैं कि वे एक साक्षर-व्यक्ति हैं, जिसे संयोगवश कुछ पढ़ते रहने के कारण, आदिवासियों के बारे लिखने की प्रेरणा और अवसर मिला। साक्षर होने की वजह से, वे सभ्य-समाज के सम्पर्क में आये जहाँ अनेक समस्याओं, मुद्दों, सवालों, परिस्थितियों एवं जटिलताओं ने उन्हें परेशान किया। इसी क्रम में उन्होंने लिखना शुरू किया। अपने लेखन को वे सभ्य-समाज से संवाद करना कहते हैं। संवाद कि इस कड़ी में भाषा, साहित्य, संस्कृति के सवालों के अलावा तकनीक, ग्रामीण विकास, सिनेमा, हॉकी, क्रिकेट, कंप्यूटर, शिक्षा, पत्रकारिता, गृह-निर्माण, भोजन जैसे– जीवन से जुड़े अनेक विषयों के बारे लिखा, टिप्पणी की।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 0.6 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901188116784,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_B07DCQFMYD","price":221.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/sabhyon-ke-beech-adivasi-by-mahadev-toppo-paperback-mahadev-toppo","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}