{"product_id":"meri-kahani-मेरी-कहानी","title":"Meri Kahani\/मेरी कहानी","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Nehru\/जवाहरलाल नेहरु, Jawaharlal\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Penguin Swadesh\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 256\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 22-01-2025\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e पंडित जवाहरलाल नेहरू ने एन ऑटोबायोग्राफ़ी नाम से अंग्रेजी में अपनी आत्मकथा लिखी थी, यह उसी पुस्तक का सरल, संक्षिप्त और सुसंपादित हिंदी रूपांतरण है। जवाहरलाल नेहरू ने इसे 1934 और 1935 के बीच जेल में रहते हुए लिखा था और 1936 में इसका प्रथम बार प्रकाशन हुआ। लेकिन जन-जन तक पहुँचाने के लिए जब हिन्द पॉकेट बुक्स ने इसे 1983 में अत्यंत सरल भाषा में प्रकाशित किया, तो इस पुस्तक ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे।\u003cbr\u003e\nजवाहरलाल नेहरू एक महान व्यक्तित्व थे और उन्होंने कई प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें लिखी हैं, लेकिन मेरी कहानी के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने परिवार या अपनी संघर्ष गाथा का वर्णन किया है, वरन अपनी आँखों के सामने बनते जा रहे भारत के नए इतिहास को जिस रोचक तरीके से उन्होंने इस पुस्तक में लिखा है, वह नि:संदेह नेहरू जी को एक महान इतिहासकार सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9780143473459\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.4 x 5.3 x 0.7 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin Swadesh","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50123263967536,"sku":"Trans_9780143465751","price":300.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/91QqFBUW3LL.jpg?v=1757331077","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/meri-kahani-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}