{"product_id":"keharayan-kali-kaal-ki-marubhumi-mein-janmi-ek-mahagatha-by-sateyendra-dhariwal-paperback-satyendra-dhariwal-and-na","title":"KEHARAYAN  Kali-Kaal Ki Marubhumi Mein Janmi ek Mahagatha | ???????--???-??? ?? ??????? ??? ????? ?? ??????? by Sateyendra Dhariwal [Paperback] Satyendra Dhariwal and NA","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e NA\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e 2019\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eFeatures:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\u003cul\u003e\u003cli\u003eA historical novel by Sateyendra Dhariwal\u003c\/li\u003e\u003c\/ul\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 460\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2019\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e इस ग्रंथ से पहले, जैसलमेर की हवाओं में विस्मृत योद्धाओं, शासकों, व्यक्तियों के; विस्मृत हो चुके साम्राज्यों के, विस्मृत हो चुकी सुन्दरता के किस्से चलायमान थे। हमने पूर्व युगों के बहुत से ग्रंथ पढ़े हैं परन्तु यहाँ प्रस्तुत है मरुस्थल की दुर्बोधताओं से परिपूर्ण कलि-काल का ये ग्रंथ। हम ग्यारहवीं शताब्दी में हैं तथा भारत को 'सोने की चिड़िया' कहा जाता है। इस्लाम एक नवजात धर्म है और बड़ी तीव्र गति से अपने पँख फ़ैला रहा है। ये वो समय है जब भारतीय शासक परस्पर युद्ध, वैमनस्य में लिप्त हैं। और कुछ ऐसी ही स्थिति जैसलमेर एवं मारवाड़ के मध्य भी है। लेकिन एक और विशाल राष्ट्र है जो भारतवर्ष पर आँखें गड़ाए बैठा है। उस स्थान का राजा भारत पर शासन करने का इच्छुक है। जैसलमेर को वह अपना केन्द्र बनाना चाहता है क्योंकि जैसलमेर सुप्रसिद्ध ‘विश्व रेशम व्यापार मार्ग’ पर स्थित है तथा पश्चिमी व भारतीय व्यापार के मध्य की कड़ी है। ये कथा है दो पीढ़ियों की। कथा है शानदार मरुभूमि व स्वर्ण नगरी की। कथा है एक विशाल राष्ट्र व दो छोटे राज्यों की। कथा है शूरता, राज्यनीति, मित्रता, लिप्सा की; कथा है प्रेम एवं घृणा की, विश्वास व विश्वासघात की, महत्ता व निरर्थकता की, स्थापना एवं विनाश की; तथा सर्वोपरि, ये कथा है मोक्ष की। यह एक पुस्तक से, यहाँ तक कि किसी चलचित्र से भी कहीं अधिक है; तथा एक अप्रतिरोध्य पठन है। रेतीले धोरों का एक संसार जो उजाड़ की अनुपम सुंदरता तथा एक अनकही गाथा समेटे है। यह ग्रंथ लोगों को ‘सृष्टि’ के विषय में एक वास्तविक, वैज्ञानिक रीति से शोध करने में सहायता करेगा। यह एक उत्प्रेरक है जो संस्कृति, धर्म, पुरानी बातों और समाज द्वारा निर्धारित किए गए कार्यों को समझने के लिए पाठकों के दिमाग को सक्रिय करेगा।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 1.3 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901194113328,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_B07P9H5QLW","price":338.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/71ryujws2QL.jpg?v=1780568233","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/keharayan-kali-kaal-ki-marubhumi-mein-janmi-ek-mahagatha-by-sateyendra-dhariwal-paperback-satyendra-dhariwal-and-na","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}