{"product_id":"kath-ka-ghoda-काठ-का-घोड़ा","title":"Kath ka Ghoda --- काठ का घोड़ा","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Kishore Diwase -- किशोर दिवसे\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya Books\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e Ist\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 180\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2022\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e एक बरस इतना भयंकर अकाल पड़ा कि उस इलाके की सारी फसल बर्बाद हो गई। मजदूर जिन्हें पहले कभी तकलीफ़ नहीं हुई वे अनाज के लिए तरसने लगे। हालत यह थी कि पहले उन्होंने पेड़ों की छाल और जड़ें खाकर अपना पेट भरा परन्तु बाद में वह भी नहीं बचा। भूख से परेशान होकर वे मक्खीचूस से अनाज के लिए कर्ज़ लेने को मजबूर हो गए जिसके छोटे-बड़े सभी गोदामों में अनाज लबालब भरा था। अनाज रखे-रखे अंकुरित होने लगा और आटे में भी कीड़े पड़ने लगे थे फिर भी वह मक्खीचूस ज़मींदार टस-से-मस नहीं हो रहा था। अन्तत: सारे मजदूर गुस्से के मारे वापस चले गए और उस ज़मींदार को सबक सिखाने की ठान ली। सभी मजदूरों ने एकजुट होकर योजना बनाई। उन्होंने चाँदी के छोटे-छोटे धातु पिंड इकट्ठा किए और एक मरियल छोटे-से घोड़े का भी बन्दोबस्त किया। उन पर कपास लपेटकर कोये की शक्ल में घोड़े की पीठ पर लादकर तहबन्द कर लिया। अपने बीच से उन्होंने एक ऐसे मजदूर को चुना जिसे हर कोई बड़बोला के नाम से पुकारता था। उसे कब्र में दफन मुर्दों को भी बात करने के लिए मजबूर कर देने की कला आती थी। बड़बोले को मक्खीचूस के पास भेजा गया। जैसे ही बड़बोला ज़मींदार के घर में दाखिल हुआ ज़मींदार गुस्से में चीख पड़ा– “अरे ओ मूर्ख! तुमने मेरे घर का सारा अहाता ही गन्दा कर दिया। दूर हो जाओ मेरी नज़रों से।” “शान्त हो जाइए मालिक...” बड़बोला कुटिल मुस्कान से बोलने लगा, “यदि आपने घोड़े को बेकाबू कर दिया तो नुकसान की भरपाई के लिए आपको सब कुछ बेचना पड़ जाएगा।” “देखो! बेकार की डींग मत मारो” मक्खीचूस ज़मींदार ने कहा, “इस छोटे-से मरियल घोड़े की कीमत ही क्या है?” बड‍़बोले ने जवाब दिया, “ओह! कुछ भी नहीं, परन्तु जब वह अपना पेट हिलाता है सोना और चाँदी उगलने लगता है।” ...इसी पुस्तक से...\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789393580207\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 0.5 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi, English\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya Books","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901239398704,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_B09R11VMHR","price":161.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/61nBT6X4uYL_cfaff46f-9384-406c-9d78-95e662aa0b39.jpg?v=1780573346","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/kath-ka-ghoda-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}