{"product_id":"gaind-aur-goal","title":"Gaind Aur Goal","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Radhakrishna\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e hardcover\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 120\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-01-2018\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePart Number:\u003c\/b\u003e 8183618685\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e राधाकृष्ण की पहचान प्रेमचंद-धारा के लेखक के रूप में प्रेमचंद के जीवनकाल में ही बन चुकी थीं। 'गेद और गोल’ उनकी सहज कहानियों का संकलन है। आम लोगों के आम दिनों की कुछ खास बातें इन कहानियों में सहज ही दर्ज हो गई हैं। ये कहानियाँ 'फॉर्मूला’ कहानी नहीं हैं, जिन्हें एक सुनिश्चित प्लॉट के तहत गढ़ा गया हो। ये बहते जीवन से कुछ पल सँजोकर पेश की गई हैं। इनमें आर्थिक तंगी है तो व्यवहारिकता भी। उद्दंडता है तो आदर्श भी। फरेब है, तो सच्चा प्रेम भी। शीर्षक कहानी 'गेंद और गोल’ बहुत कम शब्दों में जि़ंदगी के लक्ष्य को बयाँ कर देती है। 'गठरी का भेद’ पंचतंत्र की कहानी की तरह सहज सीख देते हुए तीव्र प्रहार करती है। 'कोयले की जि़ंदगी’, 'कलाकार का मास्टरपीस’, 'मूल्य’, 'रसायन की पुड़िया’ हर रंग की कहानी इस संकलन में आपको मिल जाएगी। 70 के दशक में लिखी गई ये कहानियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक और हृदयस्पर्शी हैं।\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9788183618687\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 8.7 x 5.8 x 0.6 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"RADHA KRISHNA PRAKASAN PVT LTD","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66904004165936,"sku":"DRG.UnboundDistribution_9788183618687","price":274.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/gaind-aur-goal","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}