{"product_id":"dalit-hindi-kavita-ka-vaicharik-paksh-paperback-dr-shyam-babu-sharma-paperback-dr-shyam-babu-sharma","title":"Dalit Hindi Kavita ka Vaicharik Paksh [Paperback] Dr. Shyam Babu Sharma [Paperback] Dr. Shyam Babu Sharma","description":"\u003cp\u003e\u003cb\u003eAuthor:\u003c\/b\u003e Dr. Shyam Babu Sharma\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBrand:\u003c\/b\u003e Anuugya\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEdition:\u003c\/b\u003e Ist\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eFeatures:\u003c\/b\u003e \u003c\/p\u003e\u003cul\u003e\n\u003cli\u003eCriticism of Dalit Poetry, Dalit Discourse\u003c\/li\u003e\n\u003cli\u003eBook is the critical analysis of Poetry on or by the dalits.\u003c\/li\u003e\n\u003c\/ul\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eBinding:\u003c\/b\u003e paperback\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eNumber Of Pages:\u003c\/b\u003e 200\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eRelease Date:\u003c\/b\u003e 01-12-2017\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePart Number:\u003c\/b\u003e 938396281X\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eDetails:\u003c\/b\u003e स्वतन्त्रता मनुष्य की चेतना में बसी हुई एक सहज प्रवृत्ति है इसे छीनने या दबाने की कोशिश करने पर स्वभावत: यह प्रबल रूप लेकर मुक्ति का मार्ग खोजती है। सामाजिक संरचना के बेहद अमानवीय और नारकीय परिणामों के प्रति-उत्तर में दलित कविता का उत्स हुआ। जीवन की दग्ध अनुभूतियों को छिपाये दीन-हीन, सहमे चेहरों को ज्योतिबा फुले, पैरियार और अम्बेडकर की दीप्ति से दैदीप्यमान करने की शुरुआत हुई। लेखनी से जो फूटा वह मात्र वाणी विलास नहीं, यथार्थ का तप्त रूप था। जमीन से 'खेतिहर मजदूरÓ पानी में 'अस्पृश्यÓ और ज्ञान से मूर्ख संज्ञापित दुर्लभ मानव प्रजाति के शोषण-दलन का दस्तावेज। यहाँ अस्तित्व के अहसास की उपज है। सामाजिक, आर्थिक जीवन के बंटाधार होते जाने की छटपटाहट है। बन्धनों में जकड़े और अस्तित्व की तलाश करते शोषित मानव जीवन की जिजीविषा को कवि दर्ज करता है जिसमें सौन्दर्य, सुरुचि, शास्त्रीयता नहीं सत्य का सत है। निर्धारित परिपाटी, विधि-विधानों और स्वार्थ प्रक्रिया के समक्ष समतावादी-परिवर्तनवादी मूल्य व्यवस्था को लागू किये जाने के आग्रह को बहस का मुद्दा बनाया गया है। यह अपनी चेतना के शृंग पर अडिग है। समाज के पिरामिड में जो निचले पायदान पर खड़े हैं उनके भावी जीवन में सफलता और बेहतरी की सम्भावनाओं की तलाश के साथ। – इसी पुस्तक से...\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eEAN:\u003c\/b\u003e 9789383962815\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003ePackage Dimensions:\u003c\/b\u003e 9.0 x 6.0 x 0.4 inches\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cb\u003eLanguages:\u003c\/b\u003e Hindi\u003c\/p\u003e","brand":"Anuugya","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":66901236678960,"sku":"DRG.AnuugyaBooks_938396281X","price":150.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0690\/9968\/4144\/files\/61lKwgHt4JL.jpg?v=1780573139","url":"https:\/\/www.retailmaharaj.com\/bn\/products\/dalit-hindi-kavita-ka-vaicharik-paksh-paperback-dr-shyam-babu-sharma-paperback-dr-shyam-babu-sharma","provider":"Retail Maharaj","version":"1.0","type":"link"}